जालना मनपा चुनाव: भाजपा में चला कैलाश गोरंट्याल का सिक्का, पत्नी और बेटे समेत समर्थकों को मिले टिकट
Jalna News: जालना की राजनीति में कैलाश गोरंट्याल ने अपनी धाक जमा दी है।पत्नी संगीता और पुत्र अक्षय गोरंट्याल को चुनावी मैदान में उतारकर भाजपा ने गठबंधन की नाराजगी को भी दरकिनार कर दिया है।
- Written By: आकाश मसने
कैलाश गोरंट्याल की भाजपा में प्रवेश की तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Kailash Gorantyal Family Tickets In Jalna: जालना महानगरपालिका चुनाव के लिए टिकटों के बंटवारे के साथ ही जिले की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थामने वाले पूर्व विधायक कैलाश गोरंट्याल अपनी शर्तों को मनवाने में पूरी तरह सफल रहे हैं। भाजपा ने न केवल गोरंट्याल के समर्थकों को तवज्जो दी है, बल्कि उनके परिवार के दो सदस्यों को भी चुनावी अखाड़े में उतारकर यह साफ कर दिया है कि आगामी चुनावों में गोरंट्याल पार्टी के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं।
कैलाश गोरंट्याल की शर्तें हुईं पूरी
पत्नी और बेटा मैदान में भाजपा में प्रवेश करते समय कैलाश गोरंट्याल ने स्पष्ट शर्त रखी थी कि उनके परिवार और समर्थकों को मनपा चुनाव में उचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। पार्टी ने इस वादे को निभाते हुए गोरंट्याल की पत्नी व पूर्व नगराध्यक्ष संगीता गोरंट्याल और उनके पुत्र अक्षय गोरंट्याल को अधिकृत प्रत्याशी बनाया है। इसके अलावा, गोरंट्याल अपने कई कट्टर समर्थकों को भी भाजपा का टिकट दिलवाने में कामयाब रहे हैं, जिससे उनके गुट में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
गठबंधन में तल्खी और नाराजगी का दौर
टिकट वितरण की प्रक्रिया इतनी आसान नहीं थी। भाजपा-शिवसेना युति की बैठकों के दौरान मित्र दल (शिवसेना) ने संगीता गोरंट्याल और कुछ अन्य समर्थकों की उम्मीदवारी पर कड़ा विरोध जताया था। मित्र दल की मांग थी कि इन सीटों पर उनके उम्मीदवार उतारे जाएं। इस विरोध से नाराज होकर कैलाश गोरंट्याल कई महत्वपूर्ण बैठकों से बीच में ही उठकर चले गए थे। 29 दिसंबर को उन्होंने अपनी नाराजगी सार्वजनिक रूप से जाहिर कर दी थी, जिसके बाद भाजपा नेतृत्व ने डैमेज कंट्रोल करते हुए उनकी मांगों को स्वीकार कर लिया।
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परिवारवाद के नियम पर लोणीकर का स्पष्टीकरण
पार्टी के भीतर ‘परिवारवाद’ को लेकर उठ रहे सवालों पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधायक बबनराव लोणीकर ने स्थिति स्पष्ट की है। लोणीकर ने बताया कि भाजपा का यह निर्णय कि वर्तमान विधायक, सांसद या मंत्री के परिवार को टिकट नहीं दिया जाएगा, केवल ‘पदों पर बैठे’ लोगों के लिए है। चूंकि कैलाश गोरंट्याल वर्तमान में विधायक या सांसद नहीं हैं, इसलिए यह तकनीकी नियम उन पर या उनके परिवार पर लागू नहीं होता।
अन्य दिग्गजों को भी मिला सगे-संबंधियों का साथ
गोरंट्याल के अलावा जालना भाजपा के अन्य कद्दावर नेताओं के परिवारों को भी टिकट दिए गए हैं। भाजपा महानगर जिलाध्यक्ष भास्कर दानवे खुद और उनकी पत्नी सुशीला दानवे चुनावी मैदान में हैं। वहीं, महावीर ढक्का और उनके पुत्र विक्रांत ढक्का, साथ ही अशोक पांगारकर और उनके परिवार की अनामिका विजय पांगारकर को भी पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है। इन फैसलों से यह स्पष्ट है कि जालना मनपा चुनाव में भाजपा ने ‘जीतने की क्षमता’ (Electability) को पारिवारिक संबंधों के ऊपर प्राथमिकता दी है।
