जालना मनपा में हाई-वोल्टेज ड्रामा, स्वीकृत सदस्यों के चयन पर रार, कांग्रेस में बगावत और भाजपा के 2 आवेदन रद्द

Jalna Politics: जालना नगर निगम में स्वीकृत सदस्यों के चयन को लेकर घमासान छिड़ गया है। भाजपा के दो आवेदन रद्द होने और कांग्रेस में आपसी कलह ने शहर की राजनीति में हलचल मचा दी है।
Jalna Nominated Members Selection News
कॉन्सेप्ट फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Jalna Nominated Members Selection News: जालना मनपा में स्वीकृत सदस्यों के चयन को लेकर शहर की राजनीति गरमा गई है। छह स्वीकृत सदस्यों के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवेदनों की छंटनी बुधवार से शुरू होने के बाद कई राजनीतिक घटनाक्रम सामने आए। शोभा नारियलवाले व आनंद झारखंडे के आवेदनों में त्रुटियां पाए जाने के चलते दोनों के आवेदन रद्द कर अर्जुन गेही व सिद्धिविनायक मुले के आवेदन मंजूर किए गए। कांग्रेस की ओर से गटनेता फारूख तुंडीवाले ने विनोद रत्नपारखे का नाम स्वीकृत सदस्य के लिए देने और' वह प्रारंभिक रूप से स्वीकार किए जाने से बखेड़ा खड़ा हो गया है।

इसी क्रम में शिवसेना (शिंदे गुट) की ओर से स्वीकृत सदस्य पद के लिए अश्विन अंबेकर का नाम प्रस्तावित किया गया था व यह आवेदन भी स्वीकार किया गया। भाजपा से 4 स्वीकृत सदस्य चुने जाने हैं। इसके लिए पार्टी ने अर्जुन गेही, शोभा नारियलवाले, आनंद झारखंडे व सिद्धिविनायक मुले के नाम प्रस्तावित किए थे।

4 स्वीकृत सदस्यों का होगा चयन

जालना मनपा की सहायक आयुक्त सुप्रिया चव्हाण ने बताया कि 6 मार्च को होने वाली मनपा की आमसभा में फिलहाल 4 स्वीकृत सदस्यों के चयन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। बैठक में भाजपा के 2 स्वीकृत सदस्यों का चयन होगा। शेष 2 सदस्यों के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित पार्टी के गटनेता द्वारा नाम प्रस्तावित किए जाने पर अगली आमसभा में निर्णय लिया जाएगा।

फारूख के नाम का विरोध

स्वीकृत सदस्य पद के चयन को लेकर कांग्रेस के भीतर भी विवाद सामने आया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजाभाऊ देशमुख, शहराध्यक्ष अतीक खान, पूर्व नगरसेवक वाजेद खान संग अन्य पदाधिकारी मनपा पहुंचे और गटनेता फारूख तुंडीवाले द्वारा प्रस्तावित नाम पर आपत्ति दर्ज कराई।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी ने स्वीकृत सदस्य पद के लिए अब्दुल अजीज आबुद बिन सामेदा का नाम तय किया था। हालांकि, गटनेता ने पार्टी की जानकारी के बिना विनोद रत्नपारखे का नाम प्रस्तावित कर दिया। जिलाध्यक्ष देशमुख ने इसे पार्टी के साथ धोखाधड़ी बताते हुए कहा कि इस नाम पर विचार नहीं करें। उन्होंने कहा कि पार्टी गटनेता के खिलाफ कार्रवाई करेगी व जरूरत पड़ने पर मामले को अदालत तक भी ले जाया जाएगा।

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