Jalna में बंजारा समाज ने सरकार को दी चेतावनी, आरक्षण न मिला तो मुंबई में निकालेंगे रैली!

Mumbai में हुए मराठा आंदोलन के बाद राज्य सरकार ने शिक्षा और नौकरियों में आरक्षण बहाली के ऐलान के बाद सभी समाज जागरूक हो गए हैं और अब बंजारा समाज ने सरकार को आरक्षण की धमकी दी है।
जालना महानगर पालिका
जालना महानगर पालिका (सौ. सोशल मीडिया )
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Jalna News In Hindi: मनोज जरांगे पाटील के मुंबई में हुए आंदोलन के बाद राज्य सरकार ने शिक्षा व नौकरियों में आरक्षण बहाली की घोषणा करने के बाद सभी समाज जागरूक हो गए हैं और पूरे राज्य में आए दिन मोर्चे निकाल रहे हैं।

ताजा घटनाक्रम में हैदराबाद गजेटियर के अनुसार बंजारा समाज को अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग में शामिल कर आरक्षण देने सहित अन्य मांगों के समर्थन में बंजारा समाज ने सोमवार, 15 सितंबर को शहर में विशाल मोर्चा निकाला। आरक्षण देने के लिए राज्य सरकार को एक महीने का अल्टीमेटम भी दे दिया।

चेताया कि मराठा समाज की भांति यदि उन्हें आरक्षण नहीं दिया गया, तो वे मुंबई में मोर्चा निकालेंगे। मोर्चे की शुरुआत मंमादेवी मंदिर चौक से हुई। तदुपरांत यह मोर्चा अंबड़ चौफुली तक निकाला गया। रास्ते में यह मोर्चा मस्तगड़, गांधी चमन, शनि मंदिर, ओवर ब्रिज और नूतन वसाहत मार्ग से होकर अंबड़ चौफुली पहुंचने के बाद सभा में तब्दील हो गया।

सभा को प्रमुख नेताओं ने संबोधित करते हुए अपनी मांगें रखीं। उनका कहना था कि बंजारा समाज को हैदराबाद गजेटियर और सीपी बेरार गजेटियर के अनुसार एसटी प्रवर्ग में आरक्षण तुरंत लागू किया जाए। समाज ने चेताया कि यदि एक महीने के भीतर आरक्षण लागू नहीं हुआ तो मराठा समाज की तरह मुंबई में विराट मोर्चा निकाला जाएगा।

यही नहीं, बड़ी संख्या में आंदोलनकारियों ने कहा कि, मांगों की पूर्ति नहीं होने पर आगामी निकाय चुनावों का बंजारा समाज बहिष्कार करेगा। मोर्चे की विशेषता यह रही कि, बड़ी संख्या में मौजूद बंजारा समाज के महिला व पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए थे। पारंपरिक नृत्य और गीत-संगीत की धून में निकाले गए मोर्चे ने सभी का ध्यानाकर्षण किया। किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचने के लिए कड़ा पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया था।

मांगों को लेकर 5 दिनों से कर रहे अनशन

इसी बीच, समाज की मांगों के समर्थन में श्रीकांत राठौड़ और हरीश राठौड़ गत पांच दिनों से जिलाधिकारी कार्यालय के सामने बेमियादी अनशन पर बैठे हैं। सरकार से अनुरोध किया गया है कि उनकी मांगें पूरी कर राहत प्रदान करें।

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