

Rohini Khadse Slams Chitra Wagh News: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की महिला प्रदेश अध्यक्ष रोहिणी खड़से और भाजपा विधायक चित्रा वाघ के बीच सोशल मीडिया पर शुरू हुआ विवाद अब व्यक्तिगत हमलों तक पहुंच गया है। चित्रा वाघ द्वारा वरिष्ठ नेता एकनाथ खड़से को लेकर की गई एक पोस्ट पर पलटवार करते हुए रोहिणी खड़से ने उन्हें 'इतिहास' और 'संघर्ष' का पाठ पढ़ाया है।
रोहिणी खड़से ने चित्रा वाघ का नाम लिए बिना उन पर 'चित्रा-विचित्र' कहकर तंज कसा। उन्होंने कहा, "जिनका बुद्धि से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है, उन्हें बुद्धि के विषय पर बात नहीं करनी चाहिए।" रोहिणी ने संत तुकाराम महाराज के अभंग की पंक्तियों का उपयोग करते हुए चित्रा वाघ को 'आयते बिळावर नागोबा' करार दिया, जिसका अर्थ है दूसरों द्वारा तैयार किए गए बिल (घर) में आकर बैठने वाला सांप। उन्होंने आरोप लगाया कि चित्रा वाघ आज जिस भाजपा में विधायक बनकर घूम रही हैं, उसकी जड़ें मजबूत करने के लिए उनके पिता एकनाथ खड़से ने अपना खून-पसीना बहाया है।
रोहिणी खड़से ने आगे कहा कि उनके परिवार ने जन्म से ही संघर्ष देखा है और आज भी संघर्ष को ही चुना है। उन्होंने भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा, "हमें लड़ने की बातें न सिखाएं। कार्रवाई के डर से हमने मैदान नहीं छोड़ा है। महिलाओं के अधिकारों और देश के नागरिकों के हक के लिए हम कल भी मैदान में थे, आज भी हैं और कल भी रहेंगे।" यह बयान सीधे तौर पर उन नेताओं की ओर इशारा था जिन्होंने हाल के वर्षों में केंद्रीय जांच एजेंसियों के डर से दल-बदल किया है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब चित्रा वाघ ने सोशल मीडिया पर एकनाथ खड़से की राजनीतिक स्थिति को लेकर कटाक्ष किया था। खड़से परिवार और भाजपा के बीच की कड़वाहट पुरानी है, लेकिन महिला नेताओं के बीच इस तरह के तीखे संवाद ने महाराष्ट्र की राजनीतिक गर्माहट को और बढ़ा दिया है। रोहिणी ने स्पष्ट कर दिया कि उनके पिता के योगदान पर उंगली उठाने वालों को वह उसी भाषा में जवाब देंगी।