जलगांव महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
Amrut Yojana Sewer Project Jalgaon: जलगांव शहर में अमृत योजना के तहत बनाए गए भूमिगत सीवर प्रोजेक्ट को लेकर अब महानगरपालिका सख्त रुख अपनाने जा रही है। करोड़ों की लागत से तैयार पहले चरण का काम पूरा होने के बावजूद नागरिकों द्वारा अपने घरों के शौचालय पाइप को सीवर लाइन से न जोड़ने के कारण प्रोजेक्ट ठप पड़ा है। इसे सक्रिय करने के लिए अब कनेक्शन लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
स्थायी समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, जो नागरिक खुद से कनेक्शन नहीं लेंगे, उन पर न केवल जुर्माना लगेगा, बल्कि मनपा स्वयं कनेक्शन जोड़कर उसके खर्च का दोगुना हिस्सा हाउस टैक्स के माध्यम से वसूलेगी। बैठक की अध्यक्षता सभापति डॉ.चंद्रशेखर पाटिल ने की, जिसमें आयुक्त ज्ञानेश्वर ढेरे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में सीवर प्रोजेक्ट की धीमी गति और तकनीकी बाधाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। अमृत योजना के तहत शिवाजीनगर स्थित लेंडी नाले पर ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट तैयार है, लेकिन घरों से कनेक्शन न होने के कारण गंदे पानी की प्रक्रिया बाधित हो रही है। वर्तमान में जलगांव शहर में महज 11,000 कनेक्शन ही हुए है, जिनमें से कई अभी भी अधूरे हैं। सदस्यों ने सुझाव दिया कि जो लोग कनेक्शन लेने में आनाकानी कर रहे हैं, उनके पानी के नल बंद कर दिए जाएं। साथ ही, नागरिकों की सुविधा के लिए प्लंबर उपलब्ध कराने की मांग भी उठी।
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प्रशासनिक खर्च कम करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए मनपा ने नई नीति अपनाई है। मनपा अब नए वाहन खरीदने के बजाय जरूरत के अनुसार किराए पर वाहन लेगी, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहनों को वरीयता दी जाएगी। मोबाइल टावर कंपनियों पर मनपा का 28 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है। इस बड़ी राशि को वसूलने के लिए सरकार को पत्र भेजने का निर्णय लिया गया है। बैठक के दौरान एक ठेकेदार द्वारा सभापति को दी गई कथित धमकी का सभी सदस्यों ने कड़ा विरोध किया। अंत में, विश्व प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई।