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आकाशवाणी फ्लाईओवर पर ट्रक की टक्कर से 35 वर्षीय रविंद्र छबुलाल चौधरी की मौत।
हादसा गुरुवार सुबह करीब 9:30 से 10 बजे के बीच हुआ।
मृतक निजी वित्तीय कंपनी में शाखा अधिकारी थे और परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य बताए गए हैं।
तरसोद बायपास से यातायात डायवर्ट होने के बाद भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर चिंता जताई गई है।
Truck Collision Jalgaon: आकाशवाणी चौक से कालिका माता मंदिर तक सड़क सुरक्षा के इंतजाम कितने प्रभावी हैं? आकाशवाणी फ्लाईओवर पर गुरुवार सुबह तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से 35 वर्षीय रविंद्र छबुलाल चौधरी की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है।
काम पर निकले चौधरी घर नहीं लौट सके, उनके परिवार में पत्नी और बुजुर्ग मां हैं। वे परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। हादसा सुबह करीब 9.30 से 10 बजे के बीच हुआ।
चौधरी दोपहिया वाहन से जा रहे थे, तभी ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। सड़क पर गिरने के बाद वे ट्रक के पहिए के नीचे आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वे मोतीलाल ओसवाल नामक निजी वित्तीय कंपनी में शाखा अधिकारी के पद पर कार्यरत थे।
तरसोद वायपास से यातायात इस मार्ग पर डायवर्ट किए जाने के बाद आकाशवाणी फ्लाईओवर क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ने को लेकर चिंता जताई जा रही है। ऐसे में भारी वाहनों की गति, यातायात नियंत्रण और दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा उपायों की समीक्षा जरूरी है।
सवाल यह है कि बढ़ते यातायात के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है या नहीं। आरटीओ यातायात पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) सहित संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है कि वे सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समन्वित कदम उठाएं, दुर्घटनाओं के बाद जांच तक सीमित रहने के बजाय हादसों की रोकथाम के लिए प्रभावी उपाय किए जाने चाहिए।
हादसे की सूचना मिलने पर जलगांव शहर यातायात शाखा के पुलिस निरीक्षक मोरेश्वर पेंदाम टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जलगांव पुलिस ने ट्रक और दोपहिया वाहन कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना के कारणों की जांच के साथ इस मार्ग पर पहले हुई घटनाओं का आकलन भी जरूरी है, ताकि जोखिम वाले स्थानों की पहचान कर ठोस सुरक्षा उपाय किए जा सकें।
संबंधित विभागों को मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए। भारी वाहनों की आवाजाही और गति पर प्रभावी नियंत्रण के साथ आवश्यक संकेतक और अन्य सुरक्षा उपाय लागू किए जाने चाहिए।
प्रशासन को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और आगे की कार्रवाई कब तक पूरी होगी। हर हादसे के बाद जांच शुरू होना पर्याप्त नहीं है। जरूरी है कि संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारी निभाए और ऐसी व्यवस्था बनाएं, जिसमें सड़क पर चलने वाले लोगों की जान सुरक्षित रह सके।