शिवाजी महाराज की तलवार (सौ.डिजाइन फोटो)
Chhatrapati Shivaji Maharaj Jayanti: देशभर में 19 फरवरी को मराठा साम्राज्य के महान शासक छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाई जाने वाली है। इस मौके पर छत्रपति शिवाजी को समर्पित कई कार्यक्रम विशेष स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे। वैसे तो छत्रपति शिवाजी महाराज के कई किस्से सुने गए है जिसमें उनकी वीरता का खास परिचय हुआ है। छत्रपति शिवाजी महाराज के वाघ नख को ब्रिटेन से लाने की तैयारी जारी है लेकिन क्या आपको याद है शिवाजी महाराज की खास तलवार ‘जगदंबा’ के बारे में।
इस खास तलवार को आज तक भारत नहीं लाया जा सका है लेकिन वाघ नख के आने के साथ ही तलवार के वापस लाने की कवायद भी तेज हो जाएंगी। जानते हैं कैसे भारत से ब्रिटेन पहुंची वह तलवार…
यहां पर शिवाजी महाराज की तलवार का किस्सा बहुत पुराना है जब भारत आजाद भी नहीं हुआ था। कहा जाता है कि, साल 1875 के दौरान युवराज प्रिंस ऑफ वेल्स अल्बर्ट ए़डवर्ड सप्तम भारत आए थे वे पुराने शस्त्रों के बड़े दीवाने थे और अनूठे शस्त्र का संग्रहण करना पसंद था। बताया जाता है कि, जैसे ही उनके भारत आने की खबर हुई अंग्रेज अफसरों ने तब के राजाओं पर पुराने और युनिक शस्त्र युवराज को भेंट करने का दबाव बनाया गया।
उस समय राजघराने और राजाओं को अपनी प्रतिष्ठा खराब ना हो जाए इसका डर रहता था इसलिए आसानी से कुछ मना करना किसी राजा के बूते की बात नहीं थी।अंग्रेज भी उनसे तगड़ी वसूली करते और बदले में उन्हें राजा की तरह व्यवहार करने की अनुमति थी. युवराज जहां-जहां जाते, रियासतें उन्हें अपने पुरखों के पुराने शस्त्र भेंट करते है।
बताया जाता है कि, युवराज ए़डवर्ड अपनी यात्रा के दौरान बॉम्बे पहुंचे थे उस दौरान शिवाजी महाराज के वंशज शिवाजी चतुर्थ, जिनकी उम्र सिर्फ 11 साल थी उन्होंने शिवाजी महाराज की खास तलवार जगदंबा और एक कटार भेंट की थी। उपहार के दौरान देने के लिए जब तलवार निकाली गई तो उसकी हालात खराब हो गए थे उसमें पहले जड़े रहे हीरे-माणिक आदि उखड़ कर गायब हो चुके थे. म्यान भी नहीं थी।
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इसके बाद युवराज को भेंट करने से पहले इसे नए सिरे से चमकाया गया. हीरे-जवाहरात जड़े गए. नई म्यान भी बनवाई गई। इसके बाद तलवार को युवराज ब्रिटेन ले गए। बता दें कि, यह तलवार इस समय ब्रिटेन में रानी विक्टोरिया के सेंट जेम्स पैलेस स्थित उनके निजी संग्रहालय में रखी है इसे भारत वापस लाने की कवायद जारी है।