

हिंगोली में यात्रियों ने जोधपुर-हैदराबाद ट्रेन दो घंटे तक रोकी।
PF कर्मियों पर युवक से मारपीट और दुर्व्यवहार का आरोप।
गलती से आरक्षित बोगी में प्रवेश करने पर आरपीएफ और यात्रियों के बीच झड़प।
Bhagat Ki Kothi Kacheguda Express Delayed: महाराष्ट्र के हिंगोली रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को यात्रियों ने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के कर्मियों पर एक युवक से मारपीट करने और उसके साथ यात्रा कर रही महिलाओं से दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। इस घटना के विरोध में यात्रियों ने जोधपुर-हैदराबाद एक्सप्रेस (भगत की कोठी-काचेगुड़ा एक्सप्रेस) को हिंगोली स्टेशन पर करीब दो घंटे से अधिक समय तक रोके रखा।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित यात्री डॉ. बी. आर. आंबेडकर के अनुयायी हैं, जो नागपुर में आयोजित दशहरा कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वापस लौट रहे थे। ये सभी यात्री अकोला रेलवे स्टेशन से नांदेड़ जाने के लिए भगत की कोठी-काचेगुड़ा एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 17606) में सवार हुए थे। सफर के दौरान वाशिम स्टेशन गुजरने के बाद उनके समूह के साथ यात्रा कर रहा एक युवक गलती से जनरल कोच की जगह आरक्षित डिब्बे में चला गया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि लड़के के आरक्षित डिब्बे में जाते ही RPF कर्मियों और कुछ यात्रियों ने उसके साथ कहासुनी के बाद मारपीट शुरू कर दी। जब लड़के के साथ मौजूद महिलाओं ने बीच-बचाव करने और उसे बचाने का प्रयास किया, तो कथित तौर पर RPF जवानों ने उनके साथ भी बदसलूकी की और धक्का देकर पीछे धकेल दिया। इस दौरान समूह के अन्य सदस्यों पर भी हाथ उठाया गया। RPF के इस अमानवीय रवैये से यात्रियों में भारी रोष फैल गया।
इसके बाद जैसे ही तड़के जोधपुर-हैदराबाद एक्सप्रेस हिंगोली रेलवे स्टेशन पर पहुंची, सभी आक्रोशित यात्री ट्रेन से नीचे उतर गए और सीधे पटरी पर जाकर इंजन के सामने बैठ गए। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन और RPF के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। पटरियों पर यात्रियों के जमघट के कारण ट्रेन का संचालन पूरी तरह ठप हो गया, जिससे अन्य रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा।
घटना की सूचना मिलते ही हिंगोली नगर पुलिस स्टेशन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित यात्रियों से बातचीत की और उनकी शिकायत पर निष्पक्ष व कड़ी जांच का भरोसा दिलाया।
पुलिस के लिखित और मौखिक आश्वासन के बाद यात्रियों ने लगभग दो घंटे से जारी अपने विरोध-प्रदर्शन को समाप्त किया, जिसके बाद ट्रेन को आगे नांदेड़ की ओर रवाना किया जा सका।