

Gondia UMED Cadre Women: ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को बचत समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे ‘उमेद’ अभियान की कैडर महिलाओं ने अब अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपना लिया है। कम मानदेय, बढ़ते काम के बोझ, ऑनलाइन कार्य के अतिरिक्त दबाव और बीमा सुरक्षा के अभाव को लेकर महिलाओं में नाराजगी है। मांगें तत्काल पूरी नहीं होने पर ऑनलाइन काम बंद करने की चेतावनी दी गई है।
कैडर महिलाओं की समस्याओं व मांगों को लेकर 24 अगस्त को पंढरपुर में संगठन की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मानदेय बढ़ाने, बीमा सुरक्षा देने तथा ऑनलाइन कार्य के लिए टैब उपलब्ध कराने की मांग प्रमुखता से रखी गई। महिलाओं ने कहा कि लगातार काम का दायरा बढ़ाया जा रहा है, लेकिन मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं की जा रही है। इसके अलावा मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन रिपोर्टिंग और जानकारी अपडेट करने का अतिरिक्त बोझ भी डाला जा रहा है।
कैडर महिलाओं के अनुसार, ऑनलाइन काम के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। ऐसे में उन्हें अपने निजी मोबाइल से ही सरकारी कार्य करना पड़ रहा है। महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि पहले सुविधा उपलब्ध कराएं, फिर ऑनलाइन काम की अपेक्षा रखें। बैठक में कैडर के रूप में कार्य करते हुए कुछ महिलाओं की मृत्यु का मुद्दा भी उठाया गया।
महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि मानदेय वृद्धि, बीमा सुरक्षा और टैब उपलब्ध कराने की मांग तत्काल स्वीकार नहीं की गई, तो ऑनलाइन काम पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिए जाने पर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी भी दी गई है। अब ‘उमेद’ अभियान की कैडर महिलाओं की मांगों पर सरकार क्या निर्णय लेती है, इस ओर राज्यभर की हजारों महिलाओं का ध्यान लगा है।