गोंदिया के तिरोड़ा की जिला परिषद स्कूल में करंट लगने से 5वीं की छात्रा की मौत, परिवार को 65 हजार की मदद

Gondia Tiroda School Accident: गोंदिया ज़िले के तिरोड़ा की जिला परिषद स्कूल में करंट लगने से 5वीं की छात्रा सुप्रिया सोनटक्के की मौत हो गई। शिक्षक संगठन ने परिवार को 65 हजार रुपए की सहायता दी।
Gondia Student Death Electric Shock Zilla Parishad School
स्कूल में करंट से छात्रा की मौतसोर्स: सोशल मीडिया
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Gondia Student Death Electric Shock Zilla Parishad School: गोंदिया ज़िले के तिरोड़ा तहसील की एक जिला परिषद स्कूल में बिजली का करंट लगने से कक्षा 5वीं में पढ़ने वाली छात्रा सुप्रिया सुरेश सोनटक्के की दर्दनाक मौत हो गई।

इस घटना के बाद स्कूल सहित पूरे परिसर में शोक का माहौल है।

हादसे से स्कूल में शोक का माहौल

सुप्रिया सोनटक्के जिला परिषद स्कूल में कक्षा 5वीं की छात्रा थी। स्कूल में बिजली के करंट की चपेट में आने के बाद उसकी दर्दनाक मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्कूल परिसर में मातम पसर गया। साथी विद्यार्थियों और शिक्षकों में भी इस घटना को लेकर गहरा दुख देखा गया।

छोटी उम्र में छात्रा की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए इस मुश्किल समय में आगे आने की जरूरत महसूस की गई।

शिक्षक संगठन ने जुटाई सहायता

दिवंगत छात्रा के परिवार को आर्थिक संबल देने के लिए जिला परिषद शिक्षक संगठन ने मानवीय पहल की। संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने तत्काल सहायता जुटाते हुए 65 हजार रुपए की राशि एकत्र की। इसके बाद सहायता राशि का चेक छात्रा की माता को सौंपा गया।

शिक्षक संगठन की इस पहल का उद्देश्य दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़ा होना और आर्थिक रूप से कुछ राहत प्रदान करना रहा।

स्कूल में आयोजित की गई श्रद्धांजलि सभा

छात्रा की स्मृति में स्कूल परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इसमें स्कूल के विद्यार्थियों के साथ शिक्षक-शिक्षिकाएं, मुख्याध्यापक और शिक्षक संगठन के पदाधिकारी शामिल हुए। सभी ने दिवंगत छात्रा को श्रद्धांजलि अर्पित कर उसके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

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परिवार के दुख में सहभागी बना संगठन

शिक्षक संगठन ने कहा कि परिवार पर आई इस कठिन परिस्थिति में उसके साथ खड़ा होना सामाजिक और मानवीय जिम्मेदारी है। संगठन की ओर से दी गई आर्थिक सहायता का चेक छात्रा की माता को सौंपकर परिवार के दुख में सहभागी बनने का प्रयास किया गया।

घटना के बाद स्कूल परिसर और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है। छात्रा की मौत ने स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और बिजली संबंधी सावधानियों के महत्व को भी सामने ला दिया है।

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