सांसद प्रशांत पडोले ने किया घटनास्थल का निरीक्षण, स्कूल में घटिया निर्माण और सुरक्षा लापरवाही पर जताई नाराजगी
तिरोड़ा में छात्रा निराली चाफले की मौत के बाद सांसद प्रशांत पडोले ने स्कूल का दौरा किया। उन्होंने गेट के भारी वजन, सीढ़ियों में दरारें और खुली नालियों जैसे सुरक्षा खतरों पर अधिकारियों को फटकार लगाई।
Gondia Tiroda School Accident News: पीएमश्री रानी अवंतीबाई पाठशाला की छात्रा निराली चाफले के शरीर पर लोहे का गेट गिरने से उसकी माता शाला की प्रधानाध्यापिका के सामने ही उसकी मौत हो गई। घटना को देखकर संपुर्ण ग्रामवासी शोक में डुब चुके थे। निराली 5वीं कक्षा की छात्रा थी।
उसने ध्येय शिक्षा प्रणाली व आईएम वीनर शिक्षा प्रणाली के तहत राज्य में दूसरा क्रमांक प्राप्त किया था। इसके साथ ही इस शाला के 16 छात्रों ने जिला, तहसील व केंद्र स्तर पास होकर शाला का नाम रोशन किया था। हाल ही में इस छात्रा का व इसकी मां प्रधानाध्यापिका शुभांगी चौधरी चाफले का आदर्श शिक्षिका के तौर पर व निराली का राज्य स्तर पर दूसरा क्रमांक प्राप्त करने पर सत्कार हुआ था।
नियती को यह सब मंजूर नहीं होने से यह वाकया हो गया। इस घटना को रूबरू होकर प्रत्यक्ष मौका स्थल पर जाने का मानस मन में संजोकर सांसद प्रशांत पडोले, पूर्व विधायक दिलीप बंसोड, नप अध्यक्ष अशोक असाटी, उपाध्यक्ष राजेश गुणेरिया, पार्षद रवि येरके, परमानंद पारधी, शितल तिवडे, विजय बंसोड, मुख्याधिकारी अमोल मालकर, कनिष्ठ अभियंता सोनटक्के, मेश्राम, श्यामराव खोब्रागडे, कान्हु मेश्राम, लक्ष्मीनारायण दुबे, सचिन शेंडे के साथ पहुंचे।
सम्बंधित ख़बरें
भंडारा-गोंदिया विधान परिषद चुनाव में क्रॉस वोटिंग पर सियासत तेज, कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने
गोंदिया में जून में भी 41.9 डिग्री तापमान, मानसून की देरी से किसान चिंतित
NEET UG 2026: गोंदिया में परीक्षार्थियों के लिए रेलवे की विशेष तैयारी, स्टेशन पर हेल्प डेस्क और अतिरिक्त कोच
गोंदिया में मातोश्री ग्रामसमृद्धि योजना की धीमी रफ्तार, कई गांवों में सड़क कार्य लंबित
मौके का बारीकी से निरीक्षण किया। जिसमें पाया गया कि चैनल गेट है, वह भारी वजनदार है, लेकिन एकदम खड़ी होने से चढ़ने में काफी अडचण निर्माण होगी। जबकि आगे बढ़ाकर तिरछी पायरियां बनाई जा सकती थी। इन पायरियों का भार यह 2 छोटे कॉलम संभाल नहीं पाएंगे व पुन्ह धोका होगा। पायरियों पर रेलिंग नहीं लगाई है।
मौके पर की खामियां पालकवर्ग व शाला समिति अध्यक्ष ईश्वर दुधबुरे, सदस्य दुर्गेश मोहारे, शैलेश अटराहे, अंकुश लिल्हारे, नितेश अटराहे, पूर्व पार्षद नागपुरे आदि ने रखी। जिस पर सांसद पडोले व पूर्व विधायक दिलीप बंसोड ने मुख्याधिकारी को बताया कि पहले का गेट बनाने वाला ठेकेदार कौन है, अभी दो कमरे बनाने वाला ठेकेदार कौन है।
नाली बनी है लेकिन खुली पड़ी शाला की दिवार के पास से पानी बहने वाली नाली है। यहां सिमेंट की नाली बनाई गई। जिसकी सलाखे खड़ी ही छोड़ दी गई। इस पर ढक्कन भी नहीं बनाया गया है।
इससे भी आगे भयंकर बड़ा धोका होने की संभावना है। छात्रों को बैठने के लिए दो कमरे बनाए गए। इनका उद्घाटन होने को ही है, लेकिन दरारे आ चुकी है। उपर चढ़ने सिड़ी, पायरी बनाई गई लेकिन इनके सहारे के लिए केवल दो छोटे कॉलम दिए गए है।
