स्मार्ट मीटर योजना से बढ़ी उपभोक्ताओं की चिंता, गोंदिया में बिजली बिलों में वृद्धि का आरोप
Smart Meter Controversy: महाराष्ट्र में लागू की जा रही स्मार्ट मीटर योजना को लेकर बिजली उपभोक्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है। कई उपभोक्ताओं स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिलों में वृद्धि का आरोप किया।
Smart Meter Installation (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Gondia Consumer Complaints: राज्य में लागू की जा रही स्मार्ट मीटर योजना को लेकर बिजली उपभोक्ताओं में चिंता बढ़ती जा रही है। आम नागरिकों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, जिससे मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के मासिक बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
बढ़ती महंगाई के दौर में बिजली खर्च में होने वाली वृद्धि को लेकर उपभोक्ताओं ने सरकार से इस योजना की समीक्षा करने की मांग की है। बिजली ग्राहकों का कहना है कि स्मार्ट मीटर योजना लागू करने से पहले सरकार और बिजली वितरण कंपनियों को नागरिकों की शंकाओं, शिकायतों और आशंकाओं को गंभीरता से सुनना चाहिए था। उनका आरोप है कि बिना पर्याप्त जनसंवाद और जागरूकता अभियान के योजना को लागू किया गया, जिससे लोगों में भ्रम और असंतोष की स्थिति उत्पन्न हुई है।
स्मार्ट मीटर से बिल बढ़ने का दावा
स्मार्ट मीटर की वजह से बिजली खपत की निगरानी अधिक सटीक होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन कई लोगों को नए मीटर लगने के बाद अधिक बिल आने की शिकायत है। उनका कहना है कि अब उन्हें अधिक राशि का भुगतान करना पड़ रहा है। बिजली जैसी आवश्यक सुविधा में किसी भी प्रकार का अतिरिक्त आर्थिक बोझ गरीब और निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बड़ी समस्या बन सकता है। घरेलू खर्च, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी जरूरतों के बीच बढ़ता बिजली बिल परिवारों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर रहा है।
सम्बंधित ख़बरें
मुंबई में Gen Z और Gen Alpha के साथ कल सीधा संवाद करेंगे RSS प्रमुख मोहन भागवत; NMACC में तैयारी पूरी
बिना टिकट यात्रा पड़ेगी भारी! पश्चिम रेलवे ने वसूला ₹83.25 करोड़ जुर्माना, फर्जी UTS ऐप पर FIR दर्ज
आंगन में चाय बांट रहे थे अभिजीत दीपके, पीछे से शराब लेकर पहुंच गया शख्स; VIDEO देख लोग बोले टायफाइड की दवा है
VIDEO: जब टिकट कलेक्टर ने महिला यात्री को गोद में उठाया! जानें डोम्बिवली स्टेशन की यह भावुक कहानी
सरकार की नीति पर सवाल
बिजली उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि सरकार की स्मार्ट मीटर नीति आम जनता के हितों को ध्यान में रखकर नहीं बनाई गई है। उनका कहना है कि किसी भी नई तकनीक को लागू करने से पहले उसके सामाजिक और आर्थिक प्रभावों का विस्तृत अध्ययन जरूरी है। उन्होंने मांग की है कि सरकार स्मार्ट मीटर योजना के प्रभावों का स्वतंत्र मूल्यांकन कराए और यह सुनिश्चित करे कि उपभोक्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक दबाव न पड़े। बिजली वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ता हितों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई गई है।
व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए
उपभोक्ताओं ने सरकार से मांग की है कि स्मार्ट मीटर योजना के संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। बढ़ते बिजली खर्च पर नियंत्रण की मांगबिजली ग्राहकों ने सरकार से अपील की है कि बिजली एक आवश्यक सेवा है और इसका उद्देश्य जनता को सुविधा देना होना चाहिए, न कि आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना। नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि सरकार उपभोक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए स्मार्ट मीटर योजना में आवश्यक सुधार करेगी और ऐसी व्यवस्था बनाएगी जिसमें तकनीक के लाभ आम जनता तक पहुंचें, साथ ही गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के हित भी सुरक्षित रहें।
ये भी पढे़: महाराष्ट्र विधानसभा का मानसून सत्र 22 जून से; किसानों और कानून-व्यवस्था पर फडणवीस सरकार को घेरेगा विपक्ष
उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य
अभियंता वैष्णवी तिरेले ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर सभी बिजली उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य किया गया है और इस संबंध में उनके मोबाइल पर मैसेज भेज दिए गए हैं। जल्द ही स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।
