Maharashtra Sukdi Temple News: तिरोड़ा से गोरेगांव मार्ग पर बोदलकसा जलाशय व आसपास की पहाड़ियों के प्राकृतिक परिवेश में स्थित सर्वज्ञ श्री चक्रधर स्वामी के श्री चरणों से पुण्य पावन हुआ डाकराम सुकड़ी यह स्थान। प्रभू की विशिष्टताओं व चमत्कारों के लिए प्रसिद्ध है। यह महानुभाव पंथियों का अत्यंत पूज्यनीय स्थल है। यहां स्थित चक्रधर स्वामी मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसा कहा जाता है कि भगवान श्री चक्रधर स्वामी अपनी यात्रा के दौरान यहां आए थे। उन्होंने यहां विश्राम भी किया था।
यह स्थान महानुभाव पंथ के भक्तों के लिए चरणांकित स्थान में से एक है। राजमठ, सिंहनाद, भोजनता तालाब, विघ्नेश्वर ये यहां के मुख्य स्थान हैं। माना जाता है दुःख, रोग, व्याधि से तप्त हुए जीवों को दुखों से छुटकारा देने वाला यह स्थान किसी संजीवनी से कम नहीं। किसी भी प्रकार की शारीरिक, मानसिक, पागलपन की बाधाये यहां बिना दवा के मंदिर में बैठे रहने से स्वस्थ होते हैं।
यहां चैत्र मास यानि कि प्रतिवर्ष अप्रैल माह में भव्य मेले का आयोजन किया जाता है जहां हजारों की संख्या में तीर्थयात्री व पर्यटक यहां आते हैं। सिंहनाद स्थान शाम के वक्त स्वामी निद्रा करने के लिए भीमेश्वर मंदिर जो गांव के बाहर तालाब के करीब था। उस मंदिर में जाने के लिए निकले। तालाब के पार पर गांव के कुछ लोग बैठे हुए थे, जिन्होंने स्वामी को मंदिर में नही जाने के लिए कहा क्योंकि वहां बाघ आता जाता रहता है। स्वामी उनकी बातों पर ध्यान न देते हुए भीमेश्वर मंदिर की ओर रवाना हो गए। स्वामी ने मंदिर के मध्य भाग में अपना आसन लगाया और निद्रा की, उस वक्त मध्य रात्रि में गुर्राते, दहाड़ते हुए बाघ प्रवेश द्वार से मंदिर में आ रहा था।
बाघ को आता देख स्वामी ने सिंहनाद सिंह की गर्जना किया। तब बाघ ने चारदीवारी से छलांग लगाई और भाग गया। इसके बाद स्वामी ने शांति से इस स्थान पर निद्रा की। सुबह जब गांव के लोग भीमेश्वर मंदिर की ओर पूजा करने के लिए आए और देखा स्वामी ध्यान मुद्रा में बैठे है। यह सब देखकर भक्तों में चर्चा होने लगी कि यह कोई ईश्वरीय पुरुष अवतार है। यह कोई साधारण पुरुष नहीं है।
सभी ने स्वामी के श्री चरणों में दंडवत प्रणाम किया और नतमस्तक होकर पूछने लगे कि स्वामी यहां पर बाघ आया था क्या और किस तरह से यहां से चला गया तब से यहां पर बाघ ने फिर कोई उपद्रव नहीं किया। भोजनेश्चर स्थान यह स्थान तालाब में स्थित मंदिर में है।
यह स्थान देखने में बहुत ही आकर्षक लगता है। यहां की प्राकृतिक छटा और धार्मिक एहसासों से कोही भी मंत्रमुग्ध हुए बिना नहीं रह पाएंगे। विघ्नेश्वर स्थान सुकड़ी ग्राम का यह स्थान भी भक्तों के लिए प्रमुख स्थानों में से एक है। लोग इस स्थान पर भी सच्ची आस्था से माथा टेकने आते हैं। विघ्नेश्वर देव स्थान पर आकर श्रद्धालु अपने सारे विघ्न परेशानी से छुटकारा पाने की कामना पूरी श्रद्धा से करते हैं।