

Yavatmal Schools Uniform And Textbooks Distribution: गोंदिया जिले में 30 जून से शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत अत्यंत उत्साहपूर्वक वातावरण में हुई। इस दौरान जिला परिषद (जिप) अध्यक्ष लायकराम भेंडारकर की मुख्य उपस्थिति में जिला परिषद प्राथमिक स्कूल (इंजोरी), जिला परिषद प्राथमिक स्कूल और जिला परिषद हाईस्कूल (बोंडगांव देवी) तथा जिला परिषद वरिष्ठ प्राथमिक स्कूल (मोरगांव अर्जुनी, अरततोंडी, पिंपलगांव, खांबी) में नए विद्यार्थियों का 'शाला प्रवेशोत्सव' बड़े जोश के साथ मनाया गया।
स्कूल के पहले दिन नया प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों व उनके पालकों का बुके (पुष्पगुच्छ) देकर सम्मान किया गया। विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी, उत्सुकता और एक नए शैक्षणिक सफर की चाहत देखकर पूरे परिसर में उत्साह का माहौल बन गया। बच्चों की धमाचौकड़ी से स्कूल एक बार फिर नए शैक्षणिक सत्र का स्वागत करते हुए गुलजार हो उठे।
कार्यक्रम के दौरान गोंदिया जिल्हा परीषद अध्यक्ष भेंडारकर ने स्कूल के पहले दिन विद्यार्थियों को स्कूल बैग, पाठ्यपुस्तकें (टेक्स्टबुक) और विभिन्न स्कूल सामग्रियों का वितरण किया। विद्यार्थी अपने हाथों में नई शैक्षणिक सामग्री पाकर बेहद खुश नजर आए। पालकों ने भी इस उपक्रम की सराहना करते हुए खुशी जताई और जिप प्रशासन का आभार माना।
इस अवसर पर अध्यक्ष भेंडारकर ने कहा कि शिक्षा ही जीवन में सफलता का सबसे प्रभावी साधन है। हर विद्यार्थी कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण से अपने सपनों को पूरा करे। शिक्षा के साथ-साथ खेल, कला, संस्कृति और नैतिक मूल्यों को भी अपनाना बेहद जरूरी है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षक, पालक और समाज, इन तीनों घटकों को मिलकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जिला परिषद के माध्यम से हर विद्यार्थी को बेहतर शिक्षा देने की लगातार कोशिश की जाएगी। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए शाला व्यवस्थापन समिति, मुख्याध्यापक, शिक्षकों और सभी संबंधितों की सराहना की।
कार्यक्रम में जिल्हा परिषद सदस्य, पंचायत समिति (पंस) सदस्य, सरपंच, स्थानीय अधिकारी, शाला व्यवस्थापन समिति के सदस्य, गुट शिक्षाधिकारी, विस्तार अधिकारी, केंद्र प्रमुख, शिक्षक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में पालकगण व ग्रामवासी उपस्थित थे।
प्रवेशोत्सव के मौके पर विद्यार्थियों व नागरिकों में शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने के लिए गांव में एक भव्य शैक्षणिक रैली निकाली गई। 'हर बच्चा स्कूल में, हर बच्चा पढ़ाई में' का संदेश देते हुए विद्यार्थियों ने विभिन्न नारों के जरिए लोगों को शिक्षा की अहमियत बताई। इस रैली को पालकगण, ग्रामवासियों और स्थानीय लोगों का बहुत अच्छा प्रतिसाद मिला।