

Mumbai Local RPF GRP Vacancies Passenger Security: मुंबई लोकल में सफर करने वाले करीब 75 लाख यात्रियों की सुरक्षा पर संकट बढ़ता जा रहा है, क्योंकि मुंबई की लाइफलाइन बेहद सीमित बल के भरोसे चल रही है। सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली आरपीएफ और जीआरपी में स्टाफ की भारी कमी है।
दोनों बलों को मिलाकर कुल 2,559 पद रिक्त पड़े हैं। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरपीएफ का हर चौथा पद खाली है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर भारी दबाव बन रहा है।
मध्य और पश्चिम रेलवे के मुंबई मंडल में आरपीएफ के कुल मंजूर पद 7,042 हैं। इनमें से 5,226 कर्मी कार्यरत हैं, जबकि 1,816 पद रिक्त हैं। इस तरह करीब हर चौथा पद खाली है। मध्य रेलवे में 5,148 मंजूर पदों में 3,852 कर्मचारी कार्यरत हैं और 1,296 पद खाली हैं। वहीं पश्चिम रेलवे में 1,894 मंजूर पदों में 1,374 कर्मी कार्यरत हैं, जबकि 520 पद रिक्त हैं।
ऐसे में मुंबई मंडल में आरपीएफ के 25.8 प्रतिशत और जीआरपी के 17.5 प्रतिशत पद खाली होने का खुलासा हुआ है। सूत्रों के अनुसार इसका असर भीड़भाड़ के समय गश्त, महिला सुरक्षा, संदिग्धों पर निगरानी और रेलवे परिसरों की सुरक्षा पर पड़ रहा है।
जीआरपी भी कर्मियों की कमी से जूझ रही है। 4,243 मंजूर पदों में 743 रिक्त हैं। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद नए कर्मियों का प्रशिक्षण जारी है, जिससे मौजूदा कर्मियों को कई जगह 12 घंटे से अधिक ड्यूटी करनी पड़ रही है। इस बीच चर्चगेट-बोरीवली और चर्चगेट-नालासोपारा लोकल में मामूली विवाद के दौरान दो हत्याओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्टाफ की कमी के कारण गश्त, निगरानी और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई प्रभावित हो रही है। फिलहाल, महाराष्ट्र सुरक्षा बल और होमगार्ड की मदद ली जा रही है, लेकिन कानूनी अधिकार सीमित होने से यात्रियों की सुरक्षा के लिए रिक्त पद जल्द भरने की मांग तेज हो गई है।