तहसील मुख्यालय होने के बावजूद सड़क अर्जुनी को बस स्टैंड का इंतजार, यात्री कर रहें परेशानियों का सामना

Sadak Arjuni Bus Stand: सड़क अर्जुनी में बस स्टैंड निर्माण में देरी और बस स्टॉपेज बंद होने से यात्रियों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को रोजाना 1–2 किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है।
National Highway 53
bus stoppage issue (सोर्सः सोशल मीडिया
Published on
Updated on

Gondia Nagpur Bus Service: सड़क अर्जुनी तहसील मुख्यालय होने के बावजूद सड़क अर्जुनी शहर में अब तक एक सुव्यवस्थित बस स्टैंड का निर्माण नहीं हो सका है। नगर पंचायत द्वारा सड़क से सटी शासकीय भूमि को बस स्टैंड के लिए आरक्षित किए जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है, जिससे आम नागरिकों, यात्रियों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को प्रतिदिन गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहरवासियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि बस स्टैंड का निर्माण आखिर कब शुरू होगा।

राष्ट्रीय महामार्ग 53 (गोंदिया-कोहमारा मार्ग) से जुड़ा यह क्षेत्र अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस मार्ग से गोंदिया, नागपुर समेत अन्य प्रमुख शहरों के लिए रोजाना कई सरकारी और निजी बसें संचालित होती हैं। सड़क अर्जुनी तहसील मुख्यालय होने के कारण यहां से बड़ी संख्या में नागरिक, विद्यार्थी, व्यापारी और कर्मचारी प्रतिदिन यात्रा करते हैं। वर्तमान में शहर के अंतिम छोर पर स्थित एकमात्र बस स्टैंड के कारण यात्रियों को काफी असुविधा हो रही है।

महत्वपूर्ण मार्ग, फिर भी सुविधाओं का अभाव

पूर्व में आर.के. पेट्रोल पंप के पास बसों का स्टॉपेज दिया गया था, जिससे नागरिकों को राहत मिलती थी, लेकिन अब यह सुविधा भी बंद कर दी गई है। बताया जाता है कि करीब दो वर्ष पहले गोंदिया डिपो प्रमुख द्वारा बस स्टॉपेज संबंधी पत्र जारी किया गया था, किंतु कुछ वाहकों की मनमानी और प्रशासनिक उदासीनता के कारण बसों का रुकना बंद हो गया। परिणामस्वरूप यात्रियों को 1 से 2 किलोमीटर तक पैदल चलकर बस पकड़नी पड़ रही है, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं, विद्यार्थियों और बीमार यात्रियों को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को हो रही परेशानी

इस क्षेत्र में प्रगति कॉलोनी, न्यू कॉलोनी, राजीव गांधी महाविद्यालय, एच.एन.टी. कॉलेज, रवि नंदा पब्लिक स्कूल, सहकारी बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया जैसी महत्वपूर्ण संस्थाएं स्थित हैं। यहां से प्रतिदिन सैकड़ों विद्यार्थी और नौकरीपेशा लोग आवागमन करते हैं।

नगर पंचायत द्वारा भूमापन क्रमांक 307 में 0.06 हेक्टेयर शासकीय भूमि बस स्टैंड के लिए आरक्षित की गई है और वहां सूचना फलक भी लगाया गया है। इसके बावजूद दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। पार्षद आनंद अग्रवाल का आरोप है कि इस मुद्दे को नगर पंचायत की कई बैठकों में उठाया गया, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।

सर्दी और बरसात में बढ़ती मुश्किलें

विद्यार्थी प्रतिनिधि राजेंद्र खोटेले के अनुसार, बस स्टैंड नहीं होने के कारण उन्हें सड़क अर्जुनी या कोहमारा से एक-एक किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है, जिससे विशेषकर सर्दी और बरसात के मौसम में भारी परेशानी होती है। नागरिकों ने नगर पंचायत और प्रशासन से शीघ्र बस स्टैंड निर्माण तथा बस स्टॉपेज पुनः शुरू करने की मांग की है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com