NH-53 पर मुरूम की खुलेआम चोरी, रॉयल्टी के बिना उत्खनन, राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

NH53 Illegal Murum Mining: सड़क अर्जुनी के मोगरा क्षेत्र में NH-53 के पास बिना रॉयल्टी के रात में हो रहे अवैध मुरूम उत्खनन ने वन और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Sadak Arjuni murum theft
Mogara illegal excavation (सोर्सः सोशल मीडिया)
Updated on

Mogara Illegal Excavation: राष्ट्रीय राजमार्ग क्र. 53 पर स्थित नवेगांव-नागझिरा अभयारण्य से सटे ग्राम मोगरा परिसर में पिछले कई दिनों से रात के अंधेरे में खुलेआम मुरूम का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। तहसील स्तर पर किसी भी प्रकार की रॉयल्टी स्वीकृत नहीं होने के बावजूद मुरूम निकाला जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि यह मुरूम आखिर कहां से और किसकी अनुमति से निकाला जा रहा है। बताया जा रहा है कि संबंधित विभाग के कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत से यह मुरूम चोरी धड़ल्ले से जारी है।

दबाव के कारण कोई भी अधिकारी या कर्मचारी कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। विडंबना यह है कि यदि कोई गरीब किसान या मजदूर एक ट्रिप रेत, मुरूम या मिट्टी निकालता है, तो वन और राजस्व विभाग तुरंत कार्रवाई करते हैं, लेकिन पिछले 10 दिनों से चल रहे इस बड़े पैमाने के अवैध उत्खनन पर विभाग की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।

उत्खनन पर कब होगी ठोस कार्रवाई?

सबसे गंभीर सवाल यह है कि जिस क्षेत्र में तेंदुए का आतंक बना हुआ है, वहां जंगल के भीतर रातभर मुरूम और मिट्टी का उत्खनन कैसे संभव हो रहा है? क्या वन विभाग और राजस्व विभाग इस ओर जानबूझकर आंखें मूंदे हुए हैं, या फिर यह पूरा खेल उनकी सहमति से चल रहा है?

अवैध उत्खनन पर ठोस कार्रवाई कब

आमतौर पर शासन की ओर से रॉयल्टी मिलने पर उत्खनन की अनुमति सुबह से शाम तक के लिए होती है, लेकिन यहां उल्टा हो रहा है। चर्चा है कि यह मुरूम चोरी रात 8 बजे से सुबह 5 बजे तक की जा रही है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी कब जागते हैं और इस अवैध उत्खनन पर कब ठोस कार्रवाई की जाती है।

Navbharat Live
navbharatlive.com