गोंदिया में नाबालिग की डिलीवरी कर नवजात बेचने का मामला, येडे और अग्रवाल सहित 10 के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल
Gondia Crime News: गोंदिया में नाबालिग की डिलीवरी कर नवजात शिशु बेचने के मामले में डॉ. विवेक येडे और डॉ. आशा अग्रवाल समेत 10 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है।
- Written By: रूपम सिंह
न्यू बालाजी अस्पताल (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Gondia Crime Child Trafficking Racket: नाबालिग लड़की की प्रसूति कर नवजात शिशु को बेचने में मदद करने के आरोप में गोंदिया शहर के रामनगर थाने में डॉ. विवेक येडे और डॉ. आशा अग्रवाल के खिलाफ पॉक्सो सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में मुख्य आरोपी डॉ. नीतेश बाजपेयी समेत 10 आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया है। पुलिस जांच में रामनगर परिसर के न्यू बालाजी अस्पताल में नाबालिग लड़कियों की डिलीवरी कराने और नवजात शिशुओं को लाखों रु. में बेचे जाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया।
इस मामले में दो नवजात शिशुओं को हिरासत में लेकर बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया है। जांच के दौरान न्यू बालाजी हॉस्पिटल का लाइसेंस लेते समय डॉ. विवेक येडे के लाइसेंस का इस्तेमाल करने की बात सामने आई। साथ ही बीजीडब्ल्यू शासकीय महिला अस्पताल की गर्भवती महिलाओं को यह कहकर प्रसव के लिए न्यू बालाजी अस्पताल भेजा जा रहा था कि ‘बच्चे की हालत गंभीर है’, इस अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट डॉ. खुशाल घोडेस्वार के प्रमाण पत्र का उपयोग करके एक सोनोग्राफी केंद्र शुरू किया गया था। लेकिन, वास्तव में डॉ. घोडेस्वार को बुलाए बिना ही डॉ. नितेश बाजपेयी और डॉ. विवेक येडे ने गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी की।
सोनोग्राफी व डिलीवरी से जुड़े रिकॉर्ड नष्ट
डॉ. विवेक येडे बीजीडब्ल्यु शासकीय महिला अस्पताल में संविदा स्त्री रोग विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत थे। संविदा डॉक्टरों को निजी अस्पतालों में सेवाएं देने की अनुमति नहीं है। मामले में रजेगांव ग्रामीण अस्पताल से सेवानिवृत्त डॉ. आशा अग्रवाल पर भी शामिल होने का आरोप लगाया गया है। जब रामनगर पुलिस ने अस्पताल की तलाशी ली तो यह बात भी सामने आई कि सोनोग्राफी और डिलीवरी से जुड़े रिकॉर्ड नष्ट कर दिए गए हैं।
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10 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र
नाबालिग की प्रसूति कर शिशु को बेचने में मदद करने के आरोप में डॉ. विवेक येडे, डॉ. आशा अग्रवाल, सागर सिक्का, सरस्वती नागपुरे, भंडारा निवासी मुरलीधर बावनकुले, लांजी निवासी मुकेश मंसुरे व मुख्य आरोपी डॉ. नितेश बाजपेयी सहित कुल 10 आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया है।
बिना रेडियोलॉजिस्ट के 1,001 गर्भवती की गई सोनोग्राफी
रेडियोलॉजिस्ट डॉ. खुशाल घोडेस्वार के प्रमाण पत्र से न्यू बालाजी हॉस्पिटल में सोनोग्राफी सेंटर शुरू किया गया। लेकिन, वास्तव में डॉ. घोडेस्वार को बुलाये बिना ही डॉ. नितेश बाजपेयी और डॉ. विवेक येडे ने पिछले आठ महीने में करीब 1,001 गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी की है। इस संबंध में डॉ. घोडेस्वार ने जिला शल्य चिकित्सक से शिकायत की थी। फिर 15 अप्रैल 2026 को सोनोग्राफी केंद्र का लाइसेंस रद्द कर दिया गया और केंद्र सील कर दिया गया।
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डॉ. आशा अग्रवाल के खिलाफ भी कार्रवाई
ग्रामीण अस्पताल से सेवानिवृत्त डॉ. आशा अग्रवाल भी न्यू बालाजी अस्पताल में प्रसूति के लिए जा रही थी। ऐसा जांच में पता चला। उसके खिलाफ एक नाबालिग लड़की की डिलीवरी और बच्चों की बिक्री में शामिल होने का मामला दर्ज किया गया है।
डॉ. विवेक येडे को किया गया निलंबित
डॉ. विवेक येडे बीजीडब्ल्यु शासकीय महिला अस्पताल में संविदा स्त्री रोग विशेषज्ञ के पद पर कार्यरत थे। जांच में पता चला कि संविदा डॉक्टरों को सरकारी नियमों के अनुसार निजी अस्पतालों में सेवाएं देने की अनुमति नहीं थी। लेकिन उन्होंने न्यू बालाजी अस्पताल में सेवाएं दीं। इसलिए उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
