

Highlights:
नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र परियोजना में तीन महीने के मानसून अवकाश के बाद 3 नवंबर से वन्यजीव सफारी फिर शुरू होगी।
नवेगांव जोन के जांभली, खोली, बकी और पितांबरटोला सहित नागझिरा जोन के सभी प्रमुख सफारी गेट खोले जाएंगे।
पर्यटकों को बाघ, तेंदुए, भालू, नीलगाय, सांभर, चीतल और दुर्लभ पक्षियों को देखने का अवसर मिलेगा।
Nawegaon Nagzira Tiger Reserve: गोंदिया जिले के नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र परियोजना में वन्यजीव सफारी 3 नवंबर से फिर शुरू होने जा रही है। दिवाली की छुट्टियों से ठीक पहले परियोजना के सभी प्रमुख गेट खोले जाने से पर्यटकों में उत्साह का माहौल है।
इसमें नवेगांव जोन के जांभली, खोली, बकी और पितांबरटोला सहित नागझिरा जोन के चोरखमारा, पिटेझरी, मंगेझरी, उमरझरी, मुरपार, मुरदोली, कोसमटोंडी, बालापुर और पोंगेझरा गेट शामिल हैं। इनमें पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण माने जाने वाले मुरदोली और चोरखमारा गेट भी शामिल हैं।
बारिश के कारण पिछले तीन महीनों से अभयारण्य बंद था। अब जंगल हरियाली से आच्छादित हो चुका है। सफारी मागों की मरम्मत और जलस्त्रोतों से संबंधित कार्य भी पूरे कर लिए गए हैं। ऐसे में पर्यटकों को प्राकृतिक सौंदर्य के साथ ही बाघ, तेंदुआ, भालू, नीलगाय, सांभर, चीतल और विभिन्न दुर्लभ पक्षियों को देखने का अवसर मिल सकता है। हाल ही में सुबह के समय पांगड़ी के जंगल में दिखाई दी नीलगाय क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता का उदाहरण है।
दिवाली की छुट्टियों में सभी गेट खुलने से प्रकृति प्रेमियों, वन्यजीव फोटोग्राफरों और जंगल का अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को विशेष अवसर मिलेगा, पर्यटक जंगल के प्राकृतिक वातावरण में समय बिताने के साथ वन्यजीवों की गतिविधियों को करीब से देख सकेंगे, चोरखमारा, पिटेझरी और जांभली गेट से जंगल सफारी के लिए अधिक वाहनों को अनुमति दिए जाने से इन प्रवेश द्वारों पर पर्यटकों की भीड़ बढ़ने की संभावना है।