गोंदिया नगर परिषद के स्कूलों में भारी गिरावट, 14 सरकारी स्कूलों में बचे सिर्फ 750 छात्र, 3 स्कूल बंद होने की क
Gondia School News: गोंदिया नगर परिषद के 14 प्राथमिक स्कूलों में छात्रों की संख्या घटकर केवल 750 रह गई है। तीन मराठी स्कूलों में छात्र संख्या 20 से भी कम होने से उनके अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है।
- Written By: केतकी मोडक
गोंदिया नगर परिषद स्कूल छात्र प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
Drop In Government School Enrollment Gondia: निजी स्कूलों में विद्यार्थियों को लाने की होड़ मची हुई है। इस बीच सरकारी स्कूलों को भी अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए मैदान में उतरना पड़ा है। लेकिन विद्यार्थियों और अभिभावकों की उदासीनता के कारण यहां के गोंदिया नगर परिषद के स्कूलों में विद्यार्थियों की कमी हो रही है। नगर परिषद में वर्तमान में 14 प्राथमिक स्कूल हैं, जिनमें सिर्फ 750 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। उनमें से 3 मराठी स्कूलों में 20 से कम पटसंख्या होने के कारण वे ऑक्सीजन पर हैं।
सरकार ने शिक्षा के अधिकार को इस नेक इरादे से लागू किया है कि कोई भी विद्यार्थी शिक्षा से वंचित न रहे और स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों पर शिक्षा का बोझ न पड़े; इसके लिए सरकार गणवेश, पुस्तकें, बूट-मोजे, इतना ही नहीं शिक्षा के लिए आवश्यक 1-2 वस्तुएं और भोजन भी उपलब्ध करा रही है। लेकिन, अमीरों ने इस शिक्षा को व्यवसाय बना लिया है, बड़े-बड़े स्कूल खोल लिए हैं और इससे शिक्षा का व्यवसायीकरण शुरू कर दिया है।
परिणामस्वरूप, अभिभावकों के मन में अंग्रेजी का भूत सवार है और वे अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजने के बजाय पैसे खर्च करके निजी स्कूलों में भेज रहे हैं। यही कारण है कि सरकारी स्कूलों की दुर्दशा होने लगी है। यहां के नगर परिषद स्कूलों में भी यही हो रहा है। स्कूलों में मुट्ठी भर छात्र ही पढ़ रहे हैं। वर्तमान में प्राथमिक विद्यालय में कुल 14 स्कूल हैं, जिनमें 8 मराठी और 6 हिंदी हैं। इन स्कूलों में कुल 750 छात्र पढ़ रहे हैं। इनमें से 3 स्कूलों में छात्रों की संख्या 20 से भी कम है।
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कम हो रही छात्रों की संख्या
नगर परिषद गोंदिया शिक्षाधिकारी शिव हुकरे ने कहा है कि इस वर्ष पहले चुनाव और अब बीएलओ (BLO) का काम शिक्षकों पर थोप दिया गया। ऐसे में शिक्षकों के पास स्कूली छात्रों को देखने का समय नहीं था। नगर परिषद के शिक्षा विभाग द्वारा 14 विद्यालय चलाए जा रहे हैं तथा 28 शिक्षक कार्यरत हैं। हर साल छात्रों की संख्या घटती जा रही है। इसलिए इस वर्ष सूर्याटोला स्थित विद्यालय में केजी (KG) की पढ़ाई शुरू की गई।
प्रशासन पर तीन स्कूलों को बंद करने की नौबत
नगर परिषद स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम होना कोई नई बात नहीं है, कई वर्षों से यही स्थिति बनी हुई है। छात्रों की संख्या में कमी के कारण प्रशासन को अब तक नगर परिषद के 3 स्कूलों को बंद करने की नौबत आ गई है। सिविल लाइंस क्षेत्र के मराठी-हिंदी प्राथमिक स्कूल को 2014-15 में बंद कर दिया गया था, जबकि मारारटोली हिंदी स्कूल को 2019-20 में बंद कर दिया गया था। इसके बाद भी स्कूलों की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।
इस साल सूर्याटोला क्षेत्र के स्कूल को बंद करने का प्रस्ताव था। लेकिन, शिक्षा विभाग ने कॉन्वेंट सिस्टम के तहत कक्षाएं शुरू कर एक नई अवधारणा लागू की। फिलहाल यहां 20 छात्र हैं और उन्हें केजी वन स्तर की शिक्षा दी जा रही है।
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सिर्फ दो स्कूलों में 100 से अधिक छात्र
वर्तमान में, नगर परिषद के 14 प्राथमिक विद्यालय हैं, जिनमें 8 मराठी और 6 हिंदी विद्यालय शामिल हैं। मराठी स्कूलों में कुल 384 छात्र पढ़ रहे हैं, जबकि हिंदी स्कूलों में 311 छात्र पढ़ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सिर्फ 2 स्कूलों में 100 से अधिक छात्र हैं। बाकी स्कूलों में छात्रों की संख्या बहुत कम है और कुछ स्कूलों में तो उंगलियों पर गिनने लायक छात्र हैं। ऐसे में तस्वीर साफ है कि नगर परिषद स्कूलों की स्थिति चिंताजनक है।
