मुख्यमंत्री ‘मेरी स्कूल, सुंदर स्कूल’ प्रतियोगिता का परिणाम अब तक लंबित, शिक्षकों में बढ़ी नाराजगी
School Competition Maharashtra: महाराष्ट्र शासन की मुख्यमंत्री 'मेरी स्कूल, सुंदर स्कूल' प्रतियोगिता के तीसरे चरण का परिणाम और पुरस्कार वितरण पांच महीने बाद भी लंबित है।
मेरी स्कूल सुंदर स्कूल प्रतियोगिता (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mukhyamantri Meri School Sundar School: महाराष्ट्र शासन की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मेरी स्कूल, सुंदर स्कूल प्रतियोगिता के तीसरे चरण का परिणाम और पुरस्कार वितरण अब तक लंबित है। प्रतियोगिता की सभी स्तरों की मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी हुए लगभग पांच महीने बीत चुके हैं। नया शैक्षणिक सत्र भी शुरू हो चुका है, लेकिन अब तक शासन की ओर से न तो अंतिम परिणाम घोषित किया गया है और न ही पुरस्कार वितरण को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा की गई है। इससे राज्यभर के हजारों विद्यालयों, शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों में निराशा का माहौल है।
शिक्षकों में बढ़ रहा असंतोष विद्यालयों में स्वच्छता, सौंदर्यीकरण, हरित पहल, जनसहभागिता और शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। 24 अक्टूबर से 2 नवंबर 2025 तक पंजीयन व पूर्व तैयारी की प्रक्रिया पूरी की गई।
मुख्यमंत्री ‘मेरी स्कूल, सुंदर स्कूल’ योजना के परिणाम में देरी
इसके बाद 3 नवंबर 2025 से अभियान की शुरुआत हुई और 31 दिसंबर 2025 तक विद्यालयों में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। इसके पश्चात 1 जनवरी से 7 फरवरी 2026 के बीच तहसील, जिला, संभाग और राज्य स्तर पर मूल्यांकन प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी की गई।
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शिक्षकों और विद्यालयों को उम्मीद थी कि मूल्यांकन के तुरंत बाद परिणाम घोषित कर विजेता विद्यालयों को सम्मानित किया जाएगा, लेकिन जुलाई माह शुरू होने के बावजूद परिणाम घोषित नहीं होने से शिक्षकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
पुरस्कार वितरण भी अटका
परिणाम में देरी का कारण क्या है, इसे लेकर भी शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। पुरस्कार वितरण में निधि की कमी बनी वजह प्रतियोगिता में विजेता विद्यालयों के लिए आकर्षक पुरस्कार राशि घोषित की गई थी।
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इसके तहत तहसील स्तर पर प्रथम पुरस्कार 3 लाख रु., जिला स्तर पर 11 लाख रु., संभाग स्तर पर 21 लाख रु. तथा राज्य स्तर पर प्रथम पुरस्कार 51 लाख रु. निर्धारित किए गए हैं। इस राशि का उपयोग विद्यालयों में विकास कार्यों और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार के लिए किया जाना था। लेकिन, अब यह चर्चा सामने आ रही है कि पुरस्कार वितरण के लिए आवश्यक निधि उपलब्ध नहीं होने के कारण परिणाम और पुरस्कार वितरण में विलंब हो रहा है। ऐसे में राज्यभर के विद्यालयों और शिक्षकों की निगाहें अब शासन के अगले निर्णय पर लगी हुई हैं।
