कोहमारा-देवरी फ्लाईओवर पर फिर विवाद, सिंगल कॉलम की मांग से प्रोजेक्ट पर संकट

Gondia Kohmara Flyover: मुंबई-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर कोहमारा और देवरी में प्रस्तावित फ्लाईओवर प्रोजेक्ट फिर विवादों में है। ग्रामीण सिंगल कॉलम फ्लाईओवर की मांग कर रहे हैं।
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Kohmara Flyover (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
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Kohmara Flyover Controversy: मुंबई-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग क्र. 53 पर स्थित कोहमारा और देवरी में प्रस्तावित फ्लाईओवर प्रोजेक्ट एक बार फिर विवाद में आ गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एनएचएआई ने दो कॉलम फ्लाईओवर के लिए अंतिम मंजूरी दे दी है और काम सीमा कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया है। लेकिन, प्रकल्प का भाग्य सवालों के घेरे में आ गया है क्योंकि कुछ स्थानीय नागरिक सिंगल कॉलम फ्लाईओवर की मांग कर रहे हैं।

जानकारी मिली है कि कोहमारा में मिट्टी परीक्षण के दौरान कुछ नागरिकों ने काम बंद करा दिया है। उल्लेखनीय है कि, इसी मांग को लेकर वर्ष 2008-09 में मिलन राउत के नेतृत्व में ग्रामीणों ने 100 दिनों का ऐतिहासिक आंदोलन किया था। आज भी आंदोलनकारी अपनी बात पर कायम हैं और साकोली, लाखनी की तरह सिंगल कॉलम फ्लाईओवर बनाने की मांग कर रहे हैं। वहीं, गांव के कई नागरिकों और व्यापारियों की राय अलग है। बढ़ते यातायात के कारण कोहमारा चौक दुर्घटनाओं का हॉटस्पॉट बन गया है और यातायात व सुरक्षा के लिहाज से फ्लाईओवर को जरूरी माना जा रहा है।

टेंडर को लेकर नागरिकों में असमंजस

अगर फिर से आंदोलन के कारण टेंडर रद्द किए गए या काम में बाधा आई, तो प्रकल्प में लंबे समय तक देरी हो सकती है। भविष्य में, कोहमारा और देवरी कस्बों को छोड़कर बाईपास मार्ग का विकल्प भी अपनाया जा सकता है। अब सवाल यह है कि क्या कोहमारा को विकास फ्लाईओवर मिलेगा या फिर आंदोलन के विवाद में फंसे गांव को बाईपास कर हाईवे निकलेगा इसने पूरे इलाके का ध्यान खींचा है।

सिंगल कॉलम फ्लाईओवर बनाएं

कोहमारा में साकोली और लाखनी की तर्ज पर सिंगल कॉलम फ्लाईओवर का निर्माण किया जाए। यह कई वर्षों से ग्रामीणों की मांग है।

फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा

एनएचएआई प्रकल्प संचालक अभिजीत जीजकार ने कहा कि स्वीकृत योजना के अनुसार, कोहमारा और देवरी में केवल दो कॉलम फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा। सिंगल कॉलम फ्लाईओवर का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

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