Gondia News: देवरी तहसील के ग्राम माहाका में तड़के एक सूने मकान में आग लगने से पूरा घर जलकर खाक हो गया. इस घटना में घर का सारा सामान सहित महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जलकर नष्ट हो गए.
जानकारी के अनुसार, महुआ संकलन का सीजन शुरू होने के चलते ग्रामीण तड़के ही जंगल की ओर निकल जाते हैं. माहाका निवासी कमलसिंह गोटा भी सुबह करीब 5 बजे अपने परिवार सहित महुआ चूनने जंगल गया था. इसी दौरान घर में कोई नहीं होने से अचानक आग लग गई.
आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही समय में पूरा मकान जलकर राख हो गया. घटना की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और पंचनामा प्रक्रिया शुरू की. पीड़ित कमलसिंह गोटा ने बताया कि घर में रखा सारा सामान और जरूरी कागजात जल चुके हैं.
इस घटना के बाद परिवार पर गंभीर आर्थिक संकट आ गया है. ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है. छायाचित्र 13 एपीजीओ 22000शशिकरण मंदिर के पहाड़ियों में लगी आग जंगल संसाधन खाक, परिसर में चिंता का माहौल.
सड़क अर्जुनी, श.सं. शशिकरण मंदिर परिसर के पहाड़ियों पर पिछले तीन दिनों से भीषण आग लगी हुई है, जिससे पूरे परिसर में चिंता का माहौल है. लगातार जल रही इस आग की वजह से बड़ी मात्रा में जंगल के संसाधन जलकर खाक हो रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि पहाड़ पर लगी आग की रात की तस्वीरें भी सामने आई हैं, और रात में भी आग की लपटें साफ दिखाई दे रही हैं. अंधेरे में पूरा पहाड़ लाल दिख रहा है, जिससे लोगों में डर का माहौल है. स्थानीय लोगों के अनुसार, आग की जानकारी बारबार वन विभाग को दी गई है, लेकिन अभी तक आग बुझाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.
इस वजह से जंगल में पेड़ों, झाड़ियों और जंगली जानवरों के अधिवास बड़ा खतरा पैदा हो गया है. इस बीच, बढ़ते तापमान की वजह से आग और फैल रही है, और इससे बड़ा खतरा पैदा होने की आशंका जताई जा रही है. लोगों की मांग है कि वन विभाग तुरंत टीम भेजकर आग पर काबू पाए.
इस घटना से पर्यावरण को बहुत नुकसान हो रहा है और लोग सवाल उठा रहे हैं कि वन विभाग कब जागेगा. छायाचित्र 13 एपीजीओ 230001 पटवारी पर 12 गांवों का कामकाज मार्च खत्म होने के बाद भी वसूली का काम जारीगोंदिया, ब्यूरो.
तिरोड़ा तहसील के मुंडीकोटा में राजस्व विभाग ने किसानों की सुविधा के लिए पटवारी कार्यालय शुरू किया है. लेकिन, इस जगह पर कोई स्थाई पटवारी न होने की वजह से यहां का चार्ज सरांडी के पटवारी को दे दिया गया है. लेकिन, उनके पास पहले से ही 8 गांवों का कामकाज है, लेकिन मुंडीकोटा सांजा में 4 गांव जुड़ने से पटवारी को 12 गांवों का काम करने में मुश्किल हो रही है.
मुंडीकोटा साजा क्र. में चार गांव शामिल हैं, जबकि सरंडी साजा क्र. में 3 गांव हैं, जबकि गांगला साजा क्र. में 5 गांव हैं. कुल 12 गांवों का कामकाज सरांडी के पटवारी भूते कर रहे हैं. किसानों का सबसे ज्यादा संपर्क पटवारी कार्यालय से है.
अभी किसानों को फसल कर्ज लेने के लिए 7/12 चाहिए होता है. इस वजह से इस कार्यालय में किसानों की बहुत भीड़ रहती है. किसान अपने काम के लिए गांव के बाहर से आते हैं. लेकिन, पटवारी कभीकभी तहसील कार्यालय तिरोड़ा में बैठक में चले जाते हैं. इसलिए काम के लिए आने वाले किसानों को आते ही वापस लौटना पड़ता है.
इस कार्यालय में एक सेवानिवृत्त कोतवाल कुछ काम कर रहे हैं. मार्च महीना खत्म होने के बाद भी वसूली का काम जारी है. इन सभी मुश्किलों और किसानों को हो रही परेशानी को देखते हुए किसानों ने इस जगह पर पटवारी की नियुक्ति की मांग की है.