बारिश की कमी से बाजार से गायब हुईं जंगली सब्जियां, बढ़ी औषधीय सब्जियों की मांग
Gondia Wild Vegetables: गोंदिया में बारिश में देरी के कारण जंगली और औषधीय सब्जियां बाजार में नहीं पहुंच सकीं। इससे आदिवासी और ग्रामीणों का रोजगार प्रभावित हुआ है।
Medicinal Vegetables (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Gondia Medicinal Vegetables: ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्र के नागरिक बारिश के मौसम में जंगली सब्जियों का स्वाद लेते हैं। लेकिन इस वर्ष बारिश को विलंब होने से जंगल में सब्जियां नहीं उग पाई हैं। जिससे जंगली सब्जियां बाजार में उपलब्ध नहीं हो सकी है। फिलहाल जंगली सब्जियों के शौकीन इन औषधि गुणों से भरपूर सब्जियों के इंतजार में हैं। मानसून जैसे ही शुरू होता है ग्रामीण परिसर में खापरखूटी, शेरडीरे, आंबाली सब्जी, शेरफरे, बांस के वास्टे, लेंगला सब्जी, कानफुटी, भुईआवला, करटोली व अन्य जंगली सब्जियां उग जाती है।
यह जंगली सब्जियां बहुत ही स्वादिष्ट होती है। इसके अलावा स्वास्थ्य के लिए पोषक और औषधियों के गुण होने से इन सब्जियों को विशेष महत्व है। मानसून की शुरुआत में जंगल या पहाड़ी पर जंगली सब्जियां मिलती हैं। ग्रामीण परिसर के नागरिक और आदिवासी युवा सुबह जंगल में जाकर जंगली सब्जियां इकट्ठी करते हैं।
मानसून में देरी का असर
जिससे ग्रामीण या आदिवासियों को रोजगार मिलता है। इन सब्जियों को बाजार में बेचकर वे मिलने वाले पैसों से परिवार का जीवनयापन करते हैं। इन सब्जियों की बाजार में बड़ी मांग है। बारिश के अभाव से आदिवासियों का रोजगार छीन गया है। जंगली सब्जियां पहाड़ व जंगल में उगने से दिनबदिन सब्जियां दुर्लभ होती जा रही है।
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ग्रामीण इलाकों के लोगों का रोजगार छिनामान
सून की शुरुआत में ही आने वाली जंगली सब्जियों का स्वाद लेने के लिए शौकीनों का झुकाव जंगली सब्जियां खरीदी की ओर है। बारिश के दिनों में मिलने वाली सब्जियां बिना खाद की होने से शहर में बड़े पैमाने पर जंगली सब्जियां बेची जाती हैं।
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आदिवासियों का रोजगार प्रभावित
लेकिन इस वर्ष बारिश के अभाव के कारण आदिवासी व ग्रामीण इलाकों के लोगों का रोजगार छिन सा गया है। स्वाद के अलावा स्वास्थ्य के लिए पौष्टिक और औषधि गुणों से भरपूर होती हैं। ये सब्जियां औषधीय और लाभकारी जैविक पत्तेदार सब्जियां जंगल में नहीं उग पाई हैं। इसलिए शौकीन जंगली सब्जियों के इंतजार में है।
