नगर परिषदों में अब सभापति की बारी, 30 जनवरी को गोंदिया-तिरोड़ा में विषय समितियों का चुनाव

Municipal Election: गोंदिया, तिरोड़ा, सालेकसा व गोरेगांव नगर निकायों में 30 जनवरी को विषय समितियों के गठन व सभापतियों के चुनाव होंगे। तारीख तय होते ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
Now it's the turn of the chairpersons in the municipal councils; elections for subject committees will be held in Gondia and Tiroda on January 30.
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स : सोशल मीडिया )
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Chairman Election Hindi News: गोंदिया, तिरोड़ा नगर परिषद व गोरेगांव-सालेकसा नगर पंचायतों में उपाध्यक्ष का चुनाव व स्वीकृत सदस्यों का मनोनयन की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद अब विषय समितियों के सभापतियों के चुनाव की ओर नागरिकों की नजरें लगी हुई हैं। इसके लिए जिलाधीश की ओर से 30 जनवरी को विषय समितियों के गठन व सभापतियों के चुनाव के लिए पत्र जारी किया है।

चुनाव तारीख निश्चित होते ही एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मियां शुरू हो गई है। इच्छुकों ने अपने-अपने दलों में दावे पेश करने के साथ ही पक्ष में फैसले के लिए फिल्डिंग लगाना भी शुरू कर दिया है।

नप, नपं चुनाव की प्रक्रिया विगत दिसंबर में होने के बाद इसी माह 9 से 16 जनवरी के बीच नप व नपं में आयोजित प्रथम बैठक में उपाध्यक्ष और स्वीकृत सदस्यों का चुनाव किया गया।

जिलाधीश नायर द्वारा जारी पत्र के अनुसार गोंदिया व तिरोड़ा नप व सालेकसा और गोरेगांव नपं में एक ही दिन अर्थात 30 जनवरी को सभा का आयोजन कर विषय समितियों का गठन व उनके सभापतियों का चयन किया जाएगा।

निर्माण सभापति पद के लिए मुकाबला

नप में स्वास्थ्य, शिक्षा, निर्माण, नगररचना, जलापूर्ति, महिला व बालकल्याण ऐसे छह विषय समितियां बनाई जाएंगी। हर समिति में 12 सदस्य होने की संभावना है, और एक समिति का पदसिद्ध सभापति उपाध्यक्ष होगा, क्योंकि ज्यादातर सदस्य भाजपा और राष्ट्रवादी के हैं, इसलिए इसमें कोई शक नहीं है कि ज्यादातर सभापति दोनों पार्टियों के बीच बंट जाएंगी। निर्माण सभापति पद के लिए सबसे ज्यादा मुकाबला है, और इस पद के राष्ट्रवादी कांग्रेस कोटे में जाने की जोरदार चर्चा है। विकास कामों, निधि वितरण व ठेकेदारी की वजह से यह पद काफी 'पावरफुल' माना जाता है।

नप में युवा सदस्य भी हुए निर्वाचित

गोंदिया नप में इस बार बड़ी संख्या में युवा सदस्य भी निवर्वाचित हुए है, जबकि कुछ पार्षदों को जनता ने दूसरी या तीसरी बार भी मौका दिया है। ऐसे में सभापति पदों पर अनुभवी पार्षदों को मौका दिया जाएगा या फिर नए सदस्यों को पदों पर बैठाकर अनुभव सीखने का अवसर मिलेगा, यह देखने वाली बात होगी।

गोंदिया नप में इस बार 3 निर्दलीय सदस्य भी चुनकर आए हैं, इनमें से 2 ने भाजपा को व एक ने एनसीधी (अजित) को समर्थन दिया है। अब देखना यह है कि इन तीनों में से किसी को सभापति बनने का अवसर मिलेगा या नहीं।

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