

Gondia Traffic Problem: नागपुर होते हुए मुंबईको कोलकाता से जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग क्र। 53 सड़क अर्जुनी तहसील के प्रमुख केंद्र सौंदड़ में इन दिनों यातायात संकट का केंद्र बन गया है।
गोंदिया-बल्लारशाह रेल लाइन पर स्थित रेलवे फाटक, वर्षों से अधूरा पड़ा फ्लाईओवर, ट्रैक मरम्मत और रॉन्ग साइड से वाहनों की आवाजाही के कारण हाईवे पर रोजाना 5 से 10 किलोमीटर लंबा जाम लग रहा है। कई बार यह जाम 8 से 10 घंटे तक बना रहने से यात्रियों, स्थानीय नागरिकों और भारी वाहनों के चालकों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
सौंदड़ में फ्लाईओवर का निर्माण कोरोना काल से पहले शुरू हुआ था। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुरानी ठेकेदार कंपनी की धीमी कार्यप्रणाली के चलते उसे ब्लैकलिस्ट कर काम दूसरी एजेंसी को सौंपा गया। इसके बावजूद निर्माण कार्य अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सका।
जाम की समस्या दूर करने की मांग को लेकर स्थानीय सांसद डॉ. प्रशांत पडोले और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मौके पर आंदोलन भी किया था। इसके बाद भी फ्लाईओवर का काम लंबे समय से अधूरा है। महाजाम की एक प्रमुख वजह रेलवे फाटक बंद होने के बाद वाहन चालकों द्वारा रॉन्ग साइड से आगे निकलने का प्रयास बताया जा रहा है।
कार, बस और भारी वाहन चालक अपनी लेन छोड़कर विपरीत दिशा में घुस जाते हैं। इससे फाटक खुलने के बाद दोनों दिशाओं से आने वाले वाहन आमने-सामने फंस जाते हैं और कुछ ही समय में पूरा हाईवे जाम हो जाता है। फ्लाईओवर निर्माण के दौरान यातायात व्यवस्था संभालने के लिए ठेकेदार की ओर से दोनों छोर पर ट्रैफिक मार्शल और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की व्यवस्था होने की बात कही जाती है।
लेकिन, स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई बार सुरक्षा कर्मी मौके पर मौजूद नहीं रहते। मौजूद रहने पर भी उनके पास यातायात नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर कानूनी कार्रवाई का अधिकार नहीं होने से वे प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पाते।
गोंदिया-बल्लारशाह रेल मार्ग पर ट्रैक मरम्मत के कारण ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सौंदड़ से गोंगले करीब 17 किमी और सौंदड़ से देवलगांव करीब 20 किमी दूर है। ट्रेनों के परिचालन के दौरान कई बार ट्रेन के सौंदड़ पहुंचने से पहले ही रेलवे फाटक बंद कर दिया जाता है। सिंगल लाइन होने के कारण एक ट्रेन के बाद दूसरी और कई बार तीसरी ट्रेन के गुजरने तक फाटक बंद रहता है। फाटक 20 से 30 मिनट या उससे भी अधिक समय तक बंद रहता है।
बताया जा रहा है कि 2 से 10 अक्टूबर के बीच फ्लाईओवर की एक लेन यातायात के लिए खोली जा सकती है। लेकिन, स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों का कहना है कि पुल के ऊपरी हिस्से की फिनिशिंग, सर्विस रोड तथा अन्य जरूरी काम अभी बाकी है। ऐसे में एक लेन शुरू होने की वास्तविक स्थिति पर भी सवाल बने हुए है।
स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों की मांग है कि फ्लाईओवर का काम पूरा होने तक रेलवे फाटक और डायवर्जन प्वाइंट पर 24 घंटे पुलिस बंदोबस्त किया जाए। रॉन्ग साइड से वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाया जाए। साथ ही ठेकेदार की ओर से मजबूत बैरिकेड्स व डिवाइडर लगाए जाएं और प्रशिक्षित ट्रैफिक मार्शल की नियमित तैनाती सुनिश्चित की जाए।