गोंदिया में शिक्षा सुधार की नई पहल, अधिकारियों को स्कूल गोद लेने की जिम्मेदारी

School Adoption Scheme: गोंदिया जिले में सरकारी और स्थानीय स्वशासन निकायों के स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने तथा छात्र संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने नई पहल शुरू की है।
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Zilla Parishad Schools (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
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Gondia Education Department: गोंदिया जिले के सरकारी और स्थानीय सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार और घटते पटसंख्या को रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब शिक्षा विभाग के क्लास 1 और क्लास 2 अधिकारियों को जिले के स्कूलों को गोद लेना होगा। इस गोद लेने की योजना का उद्देश्य, स्कूलों में भौतिक सुविधाओं का विस्तार करना, छात्रों की गुणवत्ता में सुधार करना और छात्रों की संख्या में वृद्धि करना है।

अधिकारियों को वर्ष के दौरान समयसमय पर इस योजना के तहत गोद लिए गए स्कूलों का दौरा करना होगा और वहां की शैक्षणिक और भौतिक स्थिति की समीक्षा करनी होगी और शिक्षकों का मार्गदर्शन करना होगा। वर्तमान में जिले में जिप व स्थानीय स्वशासन निकायों के करीब 1,035 स्कूल हैं। स्कूलों को न केवल कागजों में गोद लिया जाएगा, बल्कि संबंधित अधिकारियों को वर्ष के दौरान समयसमय पर इन स्कूलों का दौरा भी करना होगा।

अधिकारियों को मिली सीधी जिम्मेदारी

छात्रों के पढ़ने, लिखने की गुणवत्ता की होगी जांच दौरे के दौरान उन्हें छात्रों के पढ़ने, लिखने और गणितीय गुणवत्ता की जांच करनी होगी, शिक्षकों की समस्याओं को समझना होगा और वास्तविक धरातल पर काम करने के लिए स्कूल प्रबंधन समिति से बातचीत करनी होगी। स्कूलों में शिक्षा का आनंद पैदा करने और छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरे वर्ष विभिन्न कार्य कार्यक्रम लागू किए जाएंगे।

इसमें गोद लेने वाले अधिकारियों के मार्गदर्शन में उन्नत शिक्षा महाराष्ट्र के तहत विभिन्न गतिविधियों, जैसे खेल प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विज्ञान प्रदर्शनियों की योजना बनाई जाएगी। शिक्षाधिकारियों को सीधी जिम्मेदारी दी गई।

छात्रों की संख्या बढ़ाने पर जोर

प्राथमिक शिक्षाधिकारी पवन खंडारे ने कहा कि जिले में जिला परिषद और स्थानीय स्वसरकारी निकायों के स्कूलों को जिले के शिक्षा विभाग के क्लास वन और दो के अधिकारियों द्वारा गोद लिया गया है। लेकिन, उससे संबंधित आकड़ा फिलहाल उपलब्ध नहीं है। गोद लिए गए स्कूलों पर अधिकारियों द्वारा कड़ी निगरानी रखी जाएगी। उन स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।