नागपुर विदर्भ की गर्मी बनी मुद्दा, अदालत के निर्देशों के बावजूद फैसला क्यों? शिक्षा विभाग से जवाब तलब

Nagpur Vidarbha Heatwave School Opening: नागपुर विदर्भ की भीषण गर्मी के बीच 15 जून से स्कूल शुरू करने के फैसले पर हाई कोर्ट ने शिक्षा विभाग को फटकार लगाई है। मामले की अगली सुनवाई बुधवार को होगी।
The heat in Nagpur's Vidarbha region has become a point of contention; an explanation has been sought from the Education Department regarding why a decision was taken despite court directives.
स्कूल शुरू होने की तारीख, हाई कोर्ट, शिक्षा विभाग, (सोर्स: सौजन्य AI)
Updated on

Nagpur Education Department: नागपुर विदर्भ में भीषण गर्मी के बीच स्कूल शुरू करने की तारीख को लेकर विवाद गहरा गया है। राज्य सरकार द्वारा 15 जून से स्कूल शुरू करने के निर्णय के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने शिक्षा विभाग को कड़ी फटकार लगाई, न्या. अनिल किलोर और न्यायाधीश राज वाकोडे ने सवाल उठाया कि अदालत के पूर्व के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद ऐसा निर्णय कैसे लिया गया? इस मामले की अहम सुनवाई बुधवार तय की गई है।

छात्रों के स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा

महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षा समिति (पुणे शाखा, वधों) ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जून महीने में विदर्भ का तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। ऐसे में 15 जून से स्कूल खोलने से छात्रों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। याचिका में मांग की गई है कि विदर्भ में स्कूल 26 जून के बाद ही शुरू किए जाएं, याचिका में इस बात पर जोर दिया गया है कि यदि स्कूल सुबह 7 बजे भी शुरू होते हैं तो भी ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को स्कूल पहुंचने के लिए 3 से 5 किलोमीटर का सफर पैदल ही तय करना पड़ता है। दोपहर में घर लौटते समय उन्हें भीषण गर्मी और लू का सामना करना पड़ेगा जो उनके स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

शिक्षा उपसंचालक के आदेश पर उठे सवाल

याचिकाकर्ताओं ने प्रशासनिक प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब इस संबंध में शासन का निर्णय पहले से अस्तित्व में है तो शिक्षा उपसंचालक को 28 मार्च को एक स्वतंत्र परिपत्रक जारी कर 15 जून से स्कूल खोलने का विरोधी आदेश देने का कोई अधिकार नहीं है। उल्लेखनीय है कि स्कूलों के सत्रारंभ को लेकर 2007 में भी ठीक ऐसा ही विवाद हाई कोर्ट पहुंचा था।

उस समय 6 जून 2007 को दिए गए फैसले में न्यायालय ने विदर्भ में 26 जून के बाद स्कूल शुरू करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। राज्य सरकार ने इसके खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी जिसे बाद में वापस ले लिया गया था। इसके बाद राज्य सरकार ने 22 जून 2007, 11 अप्रैल 2022 और 20 अप्रैल 2023 को शासनादेश (GR) जारी कर विदर्भ में हर साल 30 जून से स्कूल शुरू करने के निर्देश दिए थे।

Navbharat Live
navbharatlive.com