गोंदिया में सरपंच सम्मेलन की निमंत्रण पत्रिका में उपसभापतियों के नाम गायब, विवाद गहराया
सड़क अर्जुनी में आयोजित जिलास्तरीय सरपंच सम्मेलन की निमंत्रण पत्रिका में उपसभापतियों के नाम न होने से विवाद खड़ा हो गया है। पदाधिकारियों ने इसे संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी बताया है।
Gondia Zilla Parishad News: गोरेगांव जिप के ग्रापं विभाग अंतर्गत सड़क अर्जुनी में 23 अप्रैल को आयोजित जिलास्तरीय सरपंच सम्मेलन की निमंत्रण पत्रिका को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस सम्मेलन की पत्रिका में जिले की आठों पंचायत समितियों के उपसभापतियों के नाम शामिल नहीं किए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों में नाराजगी देखी जा रही है। इस पूरे प्रकरण को लेकर जिप सीईओ मुरुगानंथम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
राष्ट्रीय पंचायत राज दिवस के अवसर पर यह प्रशिक्षण व संकल्प सम्मेलन आशीर्वाद लॉन, सड़क अर्जुनी में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिप अध्यक्ष लायकराम भेंडारकर ने की, जबकि उद्घाटन जिप सीईओ मुरुगानंथम के हाथों हुआ।
लोकतांत्रिक सहभागिता पर सवाल
निमंत्रण पत्रिका में जिप के सभी सभापति, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, प्रकल्प संचालक, आठ पंस के सभापति तथा जिप सदस्यों के नामों का उल्लेख किया गया था। साथ ही, सरपंचों और ग्रापं अधिकारियों को सम्मेलन में उपस्थित रहने का आह्वान किया गया था।
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इस पत्रिका में पंचायत समितियों के उपसभापतियों के नामों का पूर्णतः अभाव रहने से उपसभापतियों ने नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि यह केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि पंचायत राज व्यवस्था में उनके संवैधानिक व पदसिद्ध अधिकारों की अनदेखी है।
लोकतांत्रिक सहभागिता को किया नजरअंदाज पंचायत राज व्यवस्था के अनुसार पंस का उपसभापति तहसील स्तर पर सरपंच परिषद का पदसिद्ध अध्यक्ष होता है। ऐसे में सरपंच सम्मेलन या संबंधित बैठकों में उपसभापति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया पर नजर
इसके बावजूद आधिकारिक कार्यक्रम की पत्रिका से उनका नाम न रहना, उनके अधिकारों पर सीधा प्रहार माना जा रहा है। आरोप है कि सरपंच सम्मेलन को केवल औपचारिकता के रूप में कागजों पर सफल दिखाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि वास्तविक लोकतांत्रिक सहभागिता को नजरअंदाज किया गया है।
इस घटना के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन इस मुद्दे पर क्या स्पष्टीकरण देता है और भविष्य में ऐसी त्रुटियों से बचने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
कार्यप्रणाली पूरी तरह से गलतउपसभापति गांव के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और सरपंच समिति का पदसिद्ध अध्यक्ष होता है। इसके बावजूद उनके अधिकारों की अनदेखी कर सरपंच सम्मेलन आयोजित किया गया, जो पूरी तरह से गलत कार्यप्रणाली है। (रामेश्वर महारवाड़े, उपसभापति, पंचायत समिति, गोरेगांव)
