गोंदिया के ग्रामीण अस्पतालों में 399 पद रिक्त, वायरल-मलेरिया के बीच स्वास्थ्य व्यवस्था पर बढ़ा दबाव

Rural Health Centres Vacant Posts: गोंदिया के 45 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और 263 उपकेंद्रों में 399 पद रिक्त हैं। वायरल बुखार-मलेरिया के बढ़ते मरीजों से डॉक्टरों और कर्मचारियों पर दबाव बढ़ा।
Gondia Rural Health Centres Vacant Posts 399 Staff Shortage
गोंदिया के ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में 399 पद खाली(फोटो नवभारत)
Updated on

Gondia Rural Health Centres Vacant Posts: जिले के ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत जिले की सभी आठ तहसीलों में 45 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 263 स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित हैं।

इनके माध्यम से ग्रामीण नागरिकों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के बड़ी संख्या में पद रिक्त होने से व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। वर्तमान में वायरल बुखार और मलेरिया के मरीजों की संख्या बढ़ने से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भीड़ बढ़ रही है। कई केंद्रों पर प्रतिदिन करीब 100 से 150 मरीज जांच और उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।

45 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पद है खाली

जिले के 45 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और 263 उपकेंद्रों में डॉक्टरों सहित स्वास्थ्य कर्मचारियों के कुल 1,187 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 399 पद रिक्त हैं। कर्मचारियों की कमी के कारण कई जगह उपलब्ध डॉक्टरों और कर्मचारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां संभालनी पड़ रही हैं। एक कर्मचारी को दूसरे कर्मचारी का काम भी करना पड़ रहा है।

इससे मरीजों की जांच, उपचार और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अभिजीत गोल्हार के अनुसार, मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच रिक्त पदों के कारण स्वास्थ्य कर्मचारियों पर काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है।

Gondia Rural Health Centres Vacant Posts 399 Staff Shortage
गड़चिरोली में 11 घंटे के चक्काजाम के बाद झुका प्रशासन, 7 किसानों पर दर्ज मामले वापस लेने का आश्वासन

इन्हें होती हैं परेशानी

गोंदिया जिले के कई ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र दुर्गम हैं। यहां बड़ी संख्या में नागरिक खेती और मजदूरी पर निर्भर हैं तथा आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराना उनके लिए मुश्किल है। ऐसे में सरकारी अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ही उनके उपचार का प्रमुख सहारा हैं।

पर्याप्त डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी नहीं होने पर मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। गंभीर मरीजों को कई बार दूर स्थित बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। वायरल बुखार और मलेरिया के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों का दबाव और बढ़ गया है। ऐसे में रिक्त पदों को भरना ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अहम माना जा रहा है।

Navbharat Live
navbharatlive.com