गोंदिया: RTE के तहत 1,069 सीटों पर मुफ्त प्रवेश शुरू, 10 मार्च तक करें ऑनलाइन आवेदन

RTE Admission Gondia News: आरटीई 25% मुफ्त प्रवेश के लिए गोंदिया में 17 फरवरी 2026 से ऑनलाइन पंजीयन शुरू, 10 मार्च तक आवेदन जरूरी। 126 स्कूलों में 1,069 बच्चों को लॉटरी से प्रवेश मिलेगा।
Gondia: Free admissions begin for 1,069 seats under RTE, apply online by March 10
RTE के तहत गोंदिया के 126 स्कूलों में 25% मुफ्त प्रवेश प्रक्रिया शुरू (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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RTE Online Registration News: गोंदिया मे बच्चों को मुफ्त और आवश्यक शिक्षा का अधिकार कानून-2009 के तहत स्थानीय स्वराज्य संस्था, अनुदानित, बिना अनुदानित और निजी स्कूलों में 25 प्रश. मुफ्त प्रवेश के लिए पंजीयन 17 फरवरी 2026 से ऑनलाइन शुरू हो गया है।

अभिभावकों को 10 मार्च 2026 तक अपने बच्चों का पंजीयन करवाना है। आवश्यक पंजीयन के लिए पात्र बच्चों की उम्र 31 दिसंबर 2026 को 6 साल पूरी हो जानी चाहिए और ज्यादा से ज्यादा 7 साल 5 महीने 30 दिन नहीं होने चाहिए। प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीयन www.student.maharashtra.gov.in वेबसाइट पर जाकर करना होगा।

तहसील के गुट साधन केंद्र पर मदद और शिकायत निवारण केंद्र भी बनाए गए हैं। शिक्षाधिकारी (प्राथमिक) विशाल डोंगरे, कम्प्यूटर प्रोग्रामर नीलेश खंडेलवाल, सहायक कार्यक्रम अधिकारी दिलीप बघेले और डेटा एंट्री ऑपरेटर मनोज कुमार शेनमारे ने अभिभावकों से तय समय में पंजीयन करवाने की अपील की है।

1,069 छात्रों को मुफ्त प्रवेश का मौका

गोंदिया  जिले के 126 स्कूलों में आरटीई के तहत 1,069 विद्यार्थियों को 25 प्रश. मुफ्त प्रवेश मिलेगा। इसे शैक्षणिक वर्ष

2026-27 से लागू किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने बताया है कि आरटीई 25 प्रश. प्रवेश प्रक्रिया 17 फरवरी से शुरू हो गई है। प्रवेश लॉटरी से दिए जाएंगे। एक ही स्कूल में अलॉटमेंट किया जाएगा। अलॉट किए गए स्कूल में एक तय समय में प्रवेश लेना जरूरी होगा।

मुफ्त प्रवेश पाने के लिए आवश्यक दस्तावेज

जन्म प्रमाण पत्र और निवास का प्रमाण (सभी श्रेणियों के लिए), सामाजिक रूप से वंचित समूहों के अभिभावकों का जाति प्रमाण पत्र, 1 लाख से कम आय वाले लोगों के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के अभिभावकों का आय प्रमाण पत्र, सक्षम अधिकारी द्वारा जारी, विकलांग छात्रों के लिए 40 प्रश. या उससे अधिक का विकलांगता प्रमाण पत्र, अभिभावकों और बच्चे का आधार कार्ड, एचआईवी प्रभावित बच्चों के लिए जिला सर्जन का प्रमाण पत्र, अनाथ बच्चों के लिए अनाथालय का प्रमाण पत्र, कोविड प्रभावित बच्चों के लिए माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र (सक्षम अधिकारी द्वारा जारी) होना जरूरी है।

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