

Gondia Revenue Welfare Camp: नागरिकों के लंबित राजस्व संबंधी कार्यों का त्वरित निराकरण करने तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राजस्व व वन विभाग की पहल पर जिले में 22 जुलाई से 2 अगस्त तक राजस्व जनकल्याण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों की तैयारियों और प्रगति की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित हुई।
बैठक में जिप अध्यक्ष लायकराम भेंडारकर, विधायक डॉ. परिणय फुके, विधायक विनोद अग्रवाल, विधायक विजय रहांगडाले, पंस के पदाधिकारी, जिलाधिकारी मंदार पत्की, निवासी उपजिलाधिकारी भैय्यासाहेब बेहेरे, उपविभागीय अधिकारी चंद्रकांत खंडाईत, ज्योती कांबले, तहसीलदार समशेर पठान, अपर तहसीलदार श्रीकांत कांबले, अनिरुद्ध कांबले, इंद्रायणी गोमासे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीकर्मचारी उपस्थित थे।
अर्जुनी मोरगांव में आयोजित होने वाले शिविर की तारीख में बदलाव किया गया है। अब यह शिविर 2 अगस्त को आयोजित होगा। वहीं 1 अगस्त को गोंदिया के जलाराम लॉन्स तथा 2 अगस्त को अर्जुनी मोरगांव विधानसभा क्षेत्र के सड़क अर्जुनी स्थित आशीर्वाद हॉल में शिविरों का आयोजन किया जाएगा। शिविरों से पहले लाभार्थियों की पूर्व जांच, पात्रता सत्यापन और आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति को लेकर बैठक में विस्तृत चर्चा की गई।
विधायक डॉ. परिणय फुके ने निर्देश दिए कि एक भी पात्र लाभार्थी सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। तहसीलदार समशेर पठान ने बताया कि 22 जुलाई से 2 अगस्त तक विभिन्न योजनाओं के पात्र लाभार्थियों तक प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गोंदिया में आयोजित होने वाले शिविर में विभिन्न विभागों की ओर से कई योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जाएगा।
राज्य सरकार के छत्रपति शिवाजी महाराज महाराजस्व अभियान के अंतर्गत आयोजित इन शिविरों के माध्यम से राजस्व विभाग की सेवाएं नागरिकों तक अधिक सरल, तेज और पारदर्शी तरीके से पहुंचाई जाएंगी। शिविरों में राजस्व संबंधी सेवाओं के साथ संजय गांधी निराधार योजना, श्रावणबाल योजना, आयुष्मान भारत योजना, वनपट्टे व जमीन पट्टे वितरण जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ जरूरतमंद नागरिकों को दिया जाएगा।
इस उपक्रम का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत दिलाना और सेवा आपके द्वार की संकल्पना को प्रभावी रूप से लागू करना है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुसार नियोजन कर जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों, स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं और विभिन्न विभागों के समन्वय से इन शिविरों को सफल बनाने का प्रयास किया जा रहा है।