गोंदिया: पोंगेझरा में उमड़ेगा आस्था का सैलाब, प्राचीन शिव मंदिर को तीर्थस्थल दर्जे की मांग तेज
गोरेगांव तहसील के पोंगेझरा शिव मंदिर को तीर्थक्षेत्र का दर्जा दिलाने की मांग 13 वर्षों से लंबित है। ब्रिटिशकालीन गजट में दर्ज यह प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं की अगाध आस्था का केंद्र है।
Gondia Pongezara Shiva Temple News: गोंदिया जिले की गोरेगांव तहसील में स्थित शिव मंदिरों में से एक मुख्य रूप से बोडुंदा, पोंगेझरा शिव मंदिर शामिल है। यह शिव मंदिर नागझिरा अभ्यारण्य के घने जंगल में स्थित ऊंची पहाड़ियों के बीच भगवान शिव का ब्रिटिश कालीन प्राचीन मंदिर है। पौराणिक मान्यता है कि पोगेंझरा में शिव की मूर्ति व गायमुख है। इस पवित्र स्थल पर रामायण काल में महर्षि मेघा की तपोभूमि थी। महर्षि मुक्तानंद स्वामी व रामजी महाराज तथा अनेकानंद महाराज ने इस स्थल पर आकर तपस्या की।
इसलिए इस पवित्र स्थल को भी तपोभूमि के नाम से पहचाना जाता है। इस तीर्थस्थल पर गायमुख से निरंतर पानी बहता रहता है। महाशिवरात्रि, मकर संक्रांति, हनुमान जयंती, चैत्र नवरात्रि, सावन मास आदि कार्यक्रमों का आयोजन इस पवित्र स्थल पर किया जाता है। इस स्थल पर मन्नत मांगकर अभिषेक भी किया जाता है। ब्रिटिशकालीन गैजेट में भी इस प्राचीन मंदिर का उल्लेख तीर्थस्थल के रूप में किया गया है।
13 साल से लंबित तीर्थ दर्जे की मांगपोगेंझरा देवस्थान मंदिर के अध्यक्ष विजय राणे, भैयालाल गिरेपुंजे, सचिव जागेश्वर सूर्यवंशी, सुरेंद्र उर्फ बबलु बिसेन, हेमराज सोनवाने, बलिराम गावड, शिवलाल गावड, एड. चौहान आदि ने मांग की थी कि इस स्थल को क श्रेणी का तीर्थस्थल घोषित किया जाए। यह मांग पिछले 13 वर्षों से प्रशासन से की जा रही है लेकिन विभिन्न तकनीकी कारणों को लेकर क श्रेणी का दर्जा प्राप्त नहीं हो पा रहा है।
सम्बंधित ख़बरें
गोंदिया में गहराया गैस संकट! 3.32 लाख ग्राहकों पर मुसीबत, सिलेंडर के लिए सड़कों पर उतरे लोग; 8 टीमें तैनात
अर्जुनी मोरगांव के दीपेश जिवानी 5 साल बाद बरी, कोर्ट ने सबूतों के अभाव में सुनाया फैसला
गोंदिया के किसानों को बड़ी राहत; फसल बीमा के लिए 31.17 करोड़ मंजूर, 56 हजार से अधिक खातों में पैसा जमा
गोंदिया में अक्षय तृतीया से खरीफ सीजन का आगाज; 1.95 लाख हेक्टेयर में होगी धान की फसल, तैयारियों में जुटे किसान
इस बीच विधायक विजय रहांगडाले द्वारा इस मांग को समयसमय पर महाराष्ट्र सरकार के समक्ष रखा है। वन विभाग की रुकावटवन विभाग के रुकावट के कारण यह विषय फिलहाल ठंडे बस्ते में दिखाई दे रहा है।
बोडुंदा पोंगेझरा शिव मंदिर को तीर्थक्षेत्र का दर्जा देने की मांग ने फिर से जोर पकड़ लिया है। ऐसे में सभी श्रद्धालुओं की नजरें इस विषय पर लगी हुई है। उल्लेखनीय है कि बोडुंदा, पोंगेझरा शिव मंदिर परिसर में महाशिवरात्रि पर्व पर पूजाअर्चना के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।
वहीं मेला भी लगता है, जहां बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं की भीड़ एकत्र होती है। गोरेगांव तहसील में उक्त शिव मंदिर के अलावा धानुटोला शिव मंदिर, हिरडामाली, बेला पहाड़ी मुरदोली, सोदलागोंदी, जांभुलपानी, कटंगी डैम, गोरेगांव शिव मंदिर भी आस्था का केंद्र है जहां श्रध्दालुओं की हमेशा भीड़ लगी रहती है।
