Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

अर्जुनी मोरगांव के दीपेश जिवानी 5 साल बाद बरी, कोर्ट ने सबूतों के अभाव में सुनाया फैसला

Gondia News: अर्जुनी मोरगांव के दीपेश जिवानी को गोंदिया सत्र न्यायालय ने फर्जी एट्रोसिटी मामले में बरी कर दिया है। 5 साल के लंबे संघर्ष के बाद पुख्ता सबूत न होने पर अदालत ने यह फैसला दिया।

  • Author By Manoj Akotkar | published By रूपम सिंह |
Updated On: Apr 19, 2026 | 08:21 PM
Follow Us
Close
Follow Us:

Arjuni Morgaon Gondia News: अर्जुनी मोरगांव के प्रसिद्ध फर्जी अत्याचार मामले में आखिरकार न्याय मिल गया है और दीपेश रामू प्रतापभाई जिवानी को जिला व सत्र न्यायालय, गोंदिया ने बरी कर दिया है। 1 अप्रैल 2026 को सत्र न्यायाधीश एम. टी. असीम ने विस्तृत सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया और लगभग साढ़े पांच वर्ष से चल रहे मामले पर पर्दा डाल दिया।

शहर के उत्तरी भाग में गट क्र. 148 6.24 हेक्टेयर के कुल क्षेत्रफल में से 0.60 हेक्टेयर में पगडंडी सड़क व मालिकाना हक को लेकर नीलकंठ श्यामराव घनाडे और प्रतापभाई जिवानी के बीच विवाद था।

विवाद बढ़ गया और थाने तक पहुंच गया। 8 मार्च 2020 को जब दोनों पक्षों को अर्जुनी मोरगांव थाने में बुलाया गया, तो घटना ने अचानक मोड़ ले लिया और मामले को एट्रोसिटी का रूप दे दिया गया। नीलकंठ घनाडे ने शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि दीपेश जिवानी ने जातिगत अपशब्दों का इस्तेमाल किया।

सम्बंधित ख़बरें

गोंदिया में गहराया गैस संकट! 3.32 लाख ग्राहकों पर मुसीबत, सिलेंडर के लिए सड़कों पर उतरे लोग; 8 टीमें तैनात

अमरावती में ST की रियायती यात्रा के लिए NCMC स्मार्ट कार्ड अनिवार्य; 74 हजार से अधिक यात्रियों ने कराया पंजीयन

गोंदिया में अक्षय तृतीया से खरीफ सीजन का आगाज; 1.95 लाख हेक्टेयर में होगी धान की फसल, तैयारियों में जुटे किसान

गोंदिया जिले की 4 तहसीलों में हाथीरोग सर्वेक्षण अभियान शुरू; 221 गांवों के 4,107 बच्चों की होगी रक्त जांच

शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया। न्यायालय में सुनवाई के दौरान गवाही और भौतिक साक्ष्य में विसंगतियां पाई गईं। फिर्यादी पक्ष आरोप साबित करने के लिए आवश्यक पर्याप्त और विश्वसनीय साक्ष्य पेश करने में विफल रहा है। सभी पक्षों पर गहनता से विचार करने के बाद न्यायालय ने कहा कि आरोपों को साबित करने के लिए जरूरी सबूत उपलब्ध नहीं हैं।

इसलिए, यह आदेश दिया गया कि दीपेश रामू जिवानी को बरी किया जा रहा है। लंबे संघर्ष के बाद न्याय दीपेश जिवानी को इस मामले की वजह से करीब 5 वर्ष 6 महीने और 3 दिन तक मानसिक तनाव, सामाजिक दबाव और शारीरिक तकलीफ झेलनी पड़ी।

बरी होने के बाद उन्होंने न्यायपालिका पर भरोसा जताया, लेकिन इस बात का अफसोस भी जताया कि ऐसी झूठी शिकायतों से आम नागरिकों की जिंदगी बर्बाद हो रही है। फैसले के बाद दीपेश जिवानी ने संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

Arjunimorgaon deepesh jiwani acquitted fake atrocity act case court

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Apr 19, 2026 | 07:15 PM

Topics:  

  • Gondia News
  • Maharashtra News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.