गोंदिया में मानसून की दस्तक का इंतजार, 15 जून तक बारिश की संभावना कम
Gondia Monsoon Delay: गोंदिया जिले में मृग नक्षत्र शुरू होने के बावजूद मानसून की सक्रियता नहीं दिख रही है। मौसम विभाग के अनुसार 15 जून तक विदर्भ में संतोषजनक बारिश की संभावना कम है।
Heatwave Vidarbha (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Weather Update Gondia: रोहिणी नक्षत्र के बाद 7 जून को मृग नक्षत्र प्रारंभ हो गया है। मानसून की बारिश आमतौर पर मृग नक्षत्र से शुरू होता है। लेकिन इस साल सूखे के संकेत दिखने लगे हैं। इसके अलावा 15 जून तक विदर्भ में बारिश की संभावना कम होने के कारण जिला प्रशासन ने निर्देश दिया है कि किसान और आम नागरिक सतर्क रहें और कृषि कार्य करें। हालांकि मानसून दक्षिण कोकण में प्रवेश कर चुका है, लेकिन मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि 15 जून तक राज्य के अन्य हिस्सों में बारिश की कुल तीव्रता कम रहेगी। 15 जून तक संतोषजनक बारिश की संभावना कम है।
कुछ हिस्सों में गरज के साथ छिटपुट बारिश होने की संभावना है। इसलिए जिला प्रशासन सहित आपदा प्रबंधन को ऐसी ही स्थिति को ध्यान में रखते हुए तैयार रहने की सलाह दी गई है। जिसके अनुसार, जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे कृषि कार्य के लिए जल्दबाजी न करें और सावधानी बरतें ताकि वे बिजली और तूफानी हवाओं से सुरक्षित रहें।
मृग नक्षत्र शुरू, फिर भी बारिश गायब
इसलिए किसानों को सावधान रहना होगा और कृषि कार्य के लिए मानसून का इंतजार करना होगा। किसान बुआई में जल्दबाजी न करें कृषि व आपदा प्रबंधन विभाग ने अपील की है कि किसान आने वाले दिनों में होने वाली तूफानी बारिश के भरोसे बुआई में जल्दबाजी न करें। क्योंकि जलवायु परिवर्तन के कारण मानसून के लंबे समय तक चलने की संभावना है, इसलिए वर्तमान वर्षा बुआई के लिए पर्याप्त नहीं हो सकती है।
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ऐसी स्थिति में जल्दबाजी में बीज बोने की संभावना अधिक रहती है और किसानों को दोहरी बुआई की समस्या का सामना करना पड़ता है। किसान बुआई का निर्णय न लें कृषि विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक मिट्टी में पर्याप्त नमी न बन जाए और लगातार बारिश का आश्वासन न मिल जाए, तब तक किसान बुआई का निर्णय न लें।
प्रशासन ने किसानों को किया सतर्क
इसके साथ ही, नागरिकों, विशेषकर किसानों और खेतिहर मजदूरों को प्रीमानसून अवधि के दौरान खुले में या पेड़ों के नीचे आश्रय लेने से पूरी तरह से बचना चाहिए क्योंकि गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। साथ ही प्रशासन ने टिन शेड, बिजली के ट्रांसफार्मर, बिजली के खंभों और खुले बिजली चैनलों के पास खड़े नहीं होने की अपील की है।
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तापमान से राहत नहीं जिले का तापमान 46 डिग्री तक पहुंच गया है, लेकिन मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि 15 जून तक तापमान से कोई राहत नहीं मिलेगी। यह अनुमान लगाया गया है कि मानसून के लंबे समय तक नहीं आने के कारण विदर्भ और खानदेश का अधिकतम तापमान 40 डिग्री या उससे भी अधिक दायरे में रह सकता है। इससे जिलेवासियों के लिए मृग नक्षत्र शुरू हो गया है, लेकिन तापमान से राहत के आसार कम हैं।
