रोग राई ईडा पीडा घेऊन जा गे मारबत...नागपुर की मारबत परंपरा का विस्तार गोंदिया तक, निकला भव्य जुलूस

Gondia Marbat Festival: बैल पोला के दूसरे दिन गोंदिया में मारबत-बड़ग्या का जुलूस निकाला गया। पीली और काली मारबत आकर्षण का केंद्र रहीं। युवाओं ने सामाजिक और राजनीतिक बुराइयों पर संदेश दिया।
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गोंदिया मारबत उत्सव(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Gondia Marbat Badgya Procession: बैल पोले के दूसरे दिन जिले सहित शहर में अनोखा मारबत-बड़ग्या का प्रतीकात्मक जुलूस निकाला गया। जिसमें पीली और काली मारबत आकर्षण का केंद्र रहीं। जिले में प्रति वर्ष के अनुसार इस वर्ष भी पोले के दूसरे दिन मारबत का जुलूस निकाला गया। इस वर्ष भी मारबत और बड़ग्यों के माध्यम से सामाजिक-राजनीतिक सहित विभिन्न क्षेत्रों की बुराइयों को उजागर किया गया।

गोंदिया शहर में सुर्याटोला, रामनगर, गणेश नगर, यादव चौक, सिविल लाईन, मरारटोली, रेलटोली, छोटा गोंदिया, गोविंदपुर के अलावा मुर्री, कुड़वा, फुलचूर आदि जगह पर धुमधाम से युवाओं द्वारा डीजे की धून पर नाचते गाते मारबत का पुतला निकाला गया। शहर में भ्रमण के बाद घेऊन जा गे मारबद के नारों के साथ शहर के बाहर पुतले का दहन किया गया।

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धार्मिक और सांस्कृतिक संदर्भ

कुछ विद्वानों के अनुसार काली मारबत विनाशकानी प्रवृत्तियों का प्रतीक है, जबकि पीली मारबत रक्षक शक्ति का प्रतीक मानी जाती है। यह मान्यता महारभारत काल की पूतना मौसी की कथा से भी जोड़ी जाती है। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि जैसे लोकमान्य तिलक ने पुणे में सार्वजनिक गणेशोत्सव की शुरुआत की थी।

वैसे ही गोंदिया में मारबत उत्सव की शुरुआत की गई, ताकि लोग एकजुट हो सकें। उल्लेखनीय है कि यह पंरपरा गणेशोत्सव से भी पुरानी मानी जाती है। गोंदियावासियों ने इस परंपरा को आज भी जीवंत रखा है और यह उत्सव सामाजिक संदेश देने वाला और एकता का प्रतीक बन चुका है।

मारबद खेदना एक परंपरा

मारबत उत्सव न केवल एक धार्मिक उत्सव है, बल्कि समाज में व्याप्त कुरीतियों की निंदा करने और एक सामाजिक संदेश देने का एक प्रभावी माध्यम भी है। इसलिए यह उत्सव हर साल नए जोश के साथ मनाया जाता है। परंपरा के अनुसार पोले के दुसरे दिन तान्हा पोला व मारबद मनाया जाता है। जिसमे बुजुर्गों के अनुसार मारबद खेदना एक ऐसी परंपरा है जिसमे बुराई को दूर किया जाता है। भगवान से प्रार्थना की जाती है घर परिवार, मोहल्ले व गांव में सुख शांती का आशीर्वाद प्रदान करे और बुराई को दूर करे।

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