

Gondia Malaria Cases Rise: गोंदिया में मच्छरों से होने वाली प्रमुख बीमारियों में मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, मस्तिष्क ज्वर, इिसका वायरस, यलो फीवर का समावेश है।
जिले में मुख्य रूप से सालेकसा, देवरी, अर्जुनी मोरगांव व सड़क अर्जुनी तहसीलों में मरीज पाए जाते हैं। यह तहसीलें आदिवासी बहुल होने के साथ वनों से आच्छादित क्षेत्र बहुल भी हैं। वर्ष 2026 में जनवरी से जून तक जिले में मलेरिया के 20 मरीज पाए गए थे।
जुलाई में 86 मरीज पाए गए, जिनमें सर्वाधिक मरीज सालेकसा तहसील में पाए गए। इस तहसील में भी सर्वाधिक मरीज दरेकसा, बीजेपार व गोर्रे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत मिले। वहीं इस माह 19 अगस्त तक 20 मरीज मिले।
देवरी तहसील के फुटाना पीएचसी के अंतर्गत 1 व्यक्ति की मौत हुई है। जिन तहसीलों में मरीज अधिक पाए गए हैं, तेंदुपत्ता सीजन में जाने वालों के लौटने के बाद इस बीमारी का संक्रमण पाया गया है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनोद चव्हाण ने मलेरिया और अन्य मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि घरों के आसपास किसी भी स्थान पर पानी जमा नहीं होने देना चाहिए, क्योंकि जमा पानी मच्छरों के पनपने का प्रमुख कारण बन सकता है।
सप्ताह में कम से कम एक दिन 'सूखा दिवस' मनाकर घर और आसपास जमा पानी को पूरी तरह हटाना जरूरी है। रात में सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करने के साथ शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
घर की खिड़कियों पर जालियां लगानी चाहिए, ताकि मच्छर अंदर प्रवेश न कर सकें। इन सावधानियों को अपनाकर मलेरिया, डेंगू और अन्य मच्छरजनित बीमारियों के संक्रमण को काफी हद तक रोका जा सकता है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. अभिजीत गोल्हार का कहना है कि पनोफेलिस नामक मच्छर से मलेरिया का फैलाव होता है। जबकि एडीस इजिप्ती नामक मछर जिसे टाइगर मछर भी कहा जाता है, से चिकनगुनिया, डेंगू, झिका वायरस, पिले बुखार जैसी बीमारियां होती है, क्यूलेक्स नामक मच्छर से फायलेरियासिस (हाथीरोग) व मस्तिष्क ज्वर जैसी गंभीर बीमारियां होती है।