गोंदिया में घर-घर चलेगी कुष्ठरोग जांच, जिलाधीश ने की बड़ी अपील, 17 नवंबर से शुरू होगा बड़ा अभियान!

Leprosy Survey Gondia: गोंदिया में 17 नवंबर से 2 दिसंबर तक कुष्ठरोग पहचान अभियान चलेगा। जिलाधीश नायर ने नागरिकों से बिना डर स्वास्थ्य जांच करवाने और जागरूकता बढ़ाने की अपील की।
Leprosy Survey Gondia: गोंदिया में 17 नवंबर से 2 दिसंबर तक कुष्ठरोग पहचान अभियान चलेगा। जिलाधीश नायर ने नागरिकों से बिना डर स्वास्थ्य जांच करवाने और जागरूकता बढ़ाने की अपील की।
जिलाधीश नायर ने दिए निर्देश (सौजन्य-नवभारत)
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National Leprosy Eradication Program: कुष्ठरोग के बारे में सामाजिक भ्रांतियां दूर करते हुए, जिले में 17 नवंबर से नागरिक स्वयं स्वास्थ्य जांच करवाएं, ऐसी अपील जिलाधीश प्रजीत नायर ने कलेक्ट्रेट में आयोजित कुष्ठ रोगी खोज अभियान समन्वय समिति की बैठक में की। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत, जिले में 17 नवंबर से 2 दिसंबर, 2025 तक कुष्ठरोग पहचान अभियान चलाया जाएगा।

इस अभियान में जन जागरूकता और सर्वेक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। उक्त अभियान के दौरान नागरिक बिना किसी डर के अपनी स्वास्थ्य जांच करवाएं। बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अभिजीत गोल्हार, डॉ. विनोद चव्हाण, डॉ. तृप्ति कटरे, डॉ. महेंद्र धनविजय उपस्थित थे। नायर ने कहा कि इस अभियान के माध्यम से समय पर रोगियों का पता लगाकर उन्हें तत्काल व निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।

जन जागरूकता की आवश्यकता

समाज में कुष्ठरोग के प्रति व्याप्त भ्रांतियों व भेदभाव को दूर करने के लिए जन जागरूकता आवश्यक है और इसके लिए नागरिक जिला स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करें। जिलाधीश ने जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे टीम के सदस्यों को प्रशिक्षण प्रदान करें कि सरकार के प्रतिनिधि के रूप में घर-घर जाने वाली टीम के सदस्य पाए गए मामलों को संवेदनशीलता से संभालें।

कुष्ठरोग के बारे में जागरूकता

सहायक निदेशक डॉ. महेंद्र धनविजय ने कुष्ठरोग पहचान अभियान पर प्रस्तुति दी। गोंदिया सहित पूर्वी विदर्भ के शेष सभी जिलों में कुष्ठरोग पाया जाता है। इसका उद्देश्य इस दर को प्रति 10,000 पर 1 से कम करना, स्तर 2 के अनुसार कुष्ठरोग की दर को शून्य पर लाना, कुष्ठ रोग से संबंधित अंधविश्वासों और भ्रांतियों को दूर करना, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर कुष्ठरोग के बारे में जागरूकता फैलाना और कुष्ठ रोग मुक्त भारत के संकल्प को प्राप्त करने के लिए जिलों में अधिक जागरूकता उत्पन्न करना है।

विविध कार्यक्रम व स्पर्धा शामिल

महात्मा गांधी ने समाज में कुष्ठरोग और कुष्ठ रोगियों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने का संकल्प लिया था। उन्होंने अपने जीवनकाल में कुष्ठ रोगियों की सेवा की है। कुष्ठ जागरूकता अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रम चलाए जाएंगे, जिनमें जिले में कुष्ठरोग से मुक्त हुए लोगों के विचार, निजी चिकित्सा पेशेवरों द्वारा कार्यशालाएं, स्कूलों में प्रार्थना के बाद कुष्ठरोग के बारे में शपथ पत्र पढ़ना, स्कूलों में सूचना पट्ट पर कुष्ठरोग के बारे में संदेश, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता, कुष्ठरोग पर गीत, कविता पाठ, रंगोली प्रतियोगिता, कठपुतली कला, चित्रकला प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक और कुष्ठरोग पर कहावत/नारा प्रतियोगिता, स्कूली छात्रों की प्रभातफेरी और कुष्ठरोग मैराथन का आयोजन शामिल है। ऐसी जानकारी डॉ. धनविजय ने दी।

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