गोंदिया: धाबेटेकड़ी में तेंदुए का आतंक, बच्चे की मौत के बाद भी नहीं थमा खतरा; गांव में घुसकर मचाया कहर

Gondia Leopard Attack News: गोंदिया के धाबेटेकड़ी गांव में तेंदुए का आतंक जारी। एक बच्चे की जान लेने के बाद भी हमले नहीं रुके, पिंजरे में पकड़ने के बावजूद फिर शुरू हुआ उत्पात।
Gondia: Leopard Terror in Dhabetekdi; Threat Persists Even After Child's Death—Enters Village and Wreaks Havoc.
गोंदिया तेंदुआ आतंक( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Gondia Forest Department Action: गोंदिया जिले के अर्जुनी मोरगांव तहसील अंतर्गत धाबेटेकड़ी आदर्श गांव में इन दिनों तेंदुए का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते कुछ दिनों से तेंदुए की लगातार मौजूदगी ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। हालात इतने गंभीर हो गए कि 10 अप्रैल को तेंदुए ने 6 वर्षीय मासूम प्रज्वल मेश्राम पर हमला कर उसकी जान ले ली। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश और भय का माहौल बन गया।

मासूम की मौत के बाद बढ़ा आक्रोश

प्रज्वल मेश्राम की मौत के बाद गांव के लोगों ने वन विभाग के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से तेंदुए की गतिविधियां देखी जा रही थीं, लेकिन समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए। इस घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। घटना के बाद वन विभाग हरकत में आया और तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए गए। सुरक्षा के मद्देनजर गांव और आसपास के इलाकों में निगरानी भी बढ़ाई गई।

दो तेंदुए पकड़ने के बाद भी नहीं थमा आतंक

वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए धाबेटेकड़ी क्षेत्र से दो तेंदुओं को पिंजरे में कैद कर लिया। इससे कुछ समय के लिए ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। लेकिन यह राहत ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी। अगले ही दिन ईसापुर, इंटखेड़ा और धाबेटेकड़ी इलाके में फिर से तेंदुए की हलचल देखी गई। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि क्षेत्र में एक से अधिक तेंदुए सक्रिय हैं। ग्रामीणों के अनुसार, तेंदुआ गांव में घुसकर बकरियों और मुर्गियों का शिकार कर रहा है, जिससे लोगों का डर और बढ़ गया है।

गांव में दहशत, वन विभाग पर बढ़ा दबाव

ताजा घटना में किसान अमरदास भोचते के घर के पास तेंदुआ देखे जाने से गांव में फिर दहशत फैल गई है। लोग शाम होते ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं और बच्चों को बाहर निकलने से रोका जा रहा है।

वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है और अतिरिक्त पिंजरे लगाने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इलाके में मौजूद सभी तेंदुओं को पकड़ने तक अभियान जारी रहेगा।

ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। लगातार हो रही घटनाओं ने पूरे अर्जुनी मोरगांव तहसील में भय का वातावरण पैदा कर दिया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।

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