

Gondia Agriculture Department Inspection: खरीफ सीजन में खाद-बीज की कालाबाजारी रोकने के लिए कृषि विभाग ने उड़न दस्ते के माध्यम से जिले में निरीक्षण अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान 45 केंद्रों पर अनियमितताएं पाई गईं और उनके लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। साथ ही 9 कृषि केंद्रों के लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिए गए।
खरीफ मौसम में कृषि केंद्रों के संचालक द्वारा खाद, बीज, कीटनाशकों की बिक्री की जाती है। लेकिन कुछ कृषि केंद्र संचालक अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में फर्जी बीज, कीटनाशक बेचकर किसानों को गुमराह करते हैं। उनमें से कुछ उर्वरकों का स्टॉक कर लेते हैं और उन्हें अतिरिक्त कीमत पर बेचते हैं। हाल ही में राज्य में प्रतिबंधित बीजों और कीटनाशकों की बिक्री में वृद्धि हुई है।
इन सबके कारण किसानों का पूरा खरीफ सीजन बर्बाद हो जाता है। इसलिए इन सभी प्रकारों पर अंकुश लगाने के लिए कृषि विभाग ने जिले के सभी 999 कृषि केंद्रों का निरीक्षण अभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान के दौरान कुछ कृषि केंद्रों पर उर्वरक का स्टॉक न होना, मुख पृष्ठ पर मूल्य सूची न लगाना, नियमित स्टॉक बुक न रखना, ई-पास मशीन पर उर्वरक न बेचना, लाइसेंस का नवीनीकरण न करना, अतिरिक्त दर पर उर्वरक बेचना, किसानों को उर्वरक व बीज खरीदी की पक्की रसीद न देना जैसी त्रुटियां उड़न दस्ते टीम द्वारा पकड़ी गई।
15 बीज विक्रेताओं, 22 उर्वरक विक्रेताओं तथा 11 कीटनाशक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। साथ ही 3 बीज, 3 उर्वरक विक्रेता और 3 कीटनाशक विक्रेता के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं।
कृषि विभाग ने खरीफ सीजन के दौरान खाद और बीज की कालाबाजारी रोकने के लिए जिला और तहसील स्तर पर 15 उड़न दस्तों का गठन किया है। इस उड़न दस्तों के माध्यम से पिछले आठ दिनों से जिले के सभी 999 कृषि केंद्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। ये टीमें कृषि केंद्र पर नजर रख रही हैं।
गोंदिया जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी नीलेश कानवडे ने कहा है की "खरीफ मौसम में खाद, बीज और कीटनाशकों की खरीदारी में किसान गुमराह न हो, इसके लिए कृषि विभाग के माध्यम से कृषि केंद्र द्वारा निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 45 कृषि केंद्रों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए है और 9 लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। जिले में निरीक्षण अभियान जारी है।"