सूखा पीछे छूटा, जलयुक्त शिवार से बदली गोंदिया की तस्वीर 10 हजार हेक्टेयर को सिंचाई, लहलहाए खेत

Gondia Jalyukt Shivar: जलयुक्त शिवार अभियान से गोंदिया के 160 गांवों में 10,366 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई मिली है, जिससे किसान अब दोहरी व तिहरी फसलें उगा रहे हैं।
The drought is a thing of the past; water-filled fields have transformed the landscape of Gondia. 10,000 hectares are now irrigated, and the fields are lush and green
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
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Gondia Farmers Benefit: गोंदिया राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी जलयुक्त शिवार अभियान के कारण पिछले 3 वर्षों में जिले में बड़ी मात्रा में पानी की बचत हुई है। इससे खेत पानीदार हो गए हैं। बेशक, सिंचाई की कमी वाले इस जिले के किसानों को भरपूर पानी मिलने से खेत हरे-भरे दिखने लगे हैं और किसान अब दोहरी और तिहरी फसलें उगाने लगे हैं।

जिले में जलयुक्त शिवार अभियान के तहत 160 गांवों को चुना गया था। इन गांवों में 2 हजार 85 काम सौंपे गए थे। जिनमें से 1 हजार 945 काम पूरे हो चुके हैं। इससे जिले के 160 गांवों के किसानों के लिए 10 हजार 366।52 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बनी। इससे किसानों को अब सूखे का सामना नहीं करना पड़ता।

जलयुक्त शिवार कामों से 24 घंटे जलभंडारण बनाकर पानी की कमी से सूख रही किसानों की फसलों को बचाने में बड़ी कामयाबी मिली है। 160 गांवों में किसान जोर-शोर से फसल उगा रहे हैं और खरीफ के बाद रबी की फसलें भी उगा रहे हैं। कुछ किसान सब्जी के क्लस्टर भी लगाते दिख रहे हैं। प्रकृति की मेहरबानी की वजह से, मौसम में अक्सर उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं होती। इस वजह से, जिले के ज्यादातर हिस्सों में धान की खेती रुकी रहती है।

किसान भारी बारिश का इंतजार करते हैं। परिणामस्वरूप, किसानों को फसल खराब होने का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन, जलयुक्त शिवार अभियान की वजह से, जिले के नाले, सखेत के तालाब भर गए हैं। उस गांव के किसानों ने धान की फसल के साथ सब्जी की फसल भी लगाई।

10,366 है क्षेत्र में जलराशि संग्रहण 1,945 काम हो चुके हैं पूरे 160 गांवों में खेती की बदली तस्वीर

जल संधारण योजना का दूसरा चरण अब जल्द ही शुरू होगा

पहले चरण में जलयुक्त शिवार अभियान के जरिए जिले के हर तहसील में बहुत अच्छा काम हुआ। इससे किसानों को सिंचाई की सुविधा मिली है, और गर्मियों में भी पानी का भंडार बना रहता है। इससे किसान रबी की फसलें भी उगा सकते है। अब इस अभियान का दूसरा चरण जल्द ही शुरू होगा। इससे भी किसानों में खुशहाली आएगी,

-नीलेश कानवडे, जिला कृषि अधीक्षक, गोंदिया

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