
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स : सोशल मीडिया )
Jal Jeevan Mission Fund Issue: गोंदिया केंद्र व राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन जिले में गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रही है। जिले के 450 से अधिक गांवों में घर-घर नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से शुरु की गई यह योजना अब अधर में लटकती नजर आ रही है।
योजना के अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं, लेकिन शासन की ओर से ठेकेदारों को भुगतान नहीं किए जाने के कारण सभी ठेकेदारों ने काम बंद कर दिया है। जिले के कई गांवों में घरों तक नल कनेक्शन तो पहुंचा दिए गए हैं, लेकिन नलों से पानी नहीं आ रहा है। जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
गर्मी का मौसम नजदीक आने के साथ ही जल संकट गहराने की आशंका भी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की योजना कागजों तक सीमित रह गई है और जमीनी स्तर पर लोगों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।
अधूरे पड़े कार्यों को पूरा करने के लिए लगभग 30 करोड़ रु। की अतिरिक्त निधि की आवश्यकता है। राशि अब तक प्राप्त नहीं होने के कारण ठेकेदारों की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। कई ठेकेदारों का कहना है कि वे पहले ही बड़ी राशि खर्च कर चुके हैं और भुगतान नहीं मिलने से आगे काम करना उनके लिए संभव नहीं है।
जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को रोजाना 55 लीटर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। इसी लक्ष्य के तहत जिले के सैकड़ों गांवों में पाइप लाइन, टंकी, पंप और नल कनेक्शन के कार्य किए गए। हालांकि, अंतिम चरण के कई महत्वपूर्ण कार्य अधूरे रह गए हैं, जिससे पूरी योजना ठप पड़ गई है।
इस संबंध में जिप के जलापूर्ति विभाग के प्रभारी मुख्य कार्यकारी अभियंता राकेश चांदेवार ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत जिले में बड़े पैमाने पर जलापूर्ति के निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, लेकिन ठेकेदारों को भुगतान नहीं होने के कारण उन्होंने काम बंद करने का पत्र विभाग को सौंप दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार से 30 करोड़ रु। की निधि की मांग आधिकारिक पत्राचार के माध्यम से की गई है, लेकिन फिलहाल राशि उपलब्ध नहीं हो पाई है।
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