गोंदिया के इटियाडोह बांध का जलस्तर हुआ 100%, नदी किनारे गांवों को सतर्क रहने की सूचना, किसानों को राहत

Itiyadoh Dam Overflow: गोंदिया के अर्जुनी मोरगांव स्थित इटियाडोह बांध 100 प्रतिशत भरकर 26 सितंबर को ओवरफ्लो हो गया। नदी किनारे के गांवों में नागरिकों को सतर्क रहने की सूचना दी गई है।
gondia itiyadoh dam overflow full capacity
इटियाडोह बांध ओवरफ्लो(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Gondia Farmers Relief: पूर्व विदर्भ के गोंदिया, भंडारा, गड़चिरोली और चंद्रपुर जिलों की खेती के लिए महत्वपूर्ण अर्जुनी मोरगांव तहसील स्थित इटियाडोह बांध आखिरकार पूरी क्षमता से भरकर ओवरफ्लो हो गया। 26 सितंबर को सुबह 6 बजे बांध के सांडवे से पानी बहना शुरू हुआ। बांध के ओवरफ्लो होने के बाद नदी किनारे बसे गांवों से आवागमन करने वाले नागरिकों को सतर्क रहने की सूचना दी गई है।

किसानों को बड़ी राहत

इटियाडोह जलाशय का वर्तमान जलस्तर 255.63 मीटर दर्ज किया गया है। जलाशय में 317.87 दलघमी उपयोगी जलसंचय हो गया है, जो 100 प्रश. है। बांध पर पानी की ऊंचाई 0.03 मीटर दर्ज की गई है, जबकि करीब 169 क्यूसेक (4.80) पानी का विसर्ग हो रहा है। जलविसर्ग की मात्रा जलाशय की स्थिति के अनुसार कम या अधिक हो सकती है।

इटियाडोह प्रकल्प पूर्व विदर्भ के महत्वपूर्ण सिंचाई प्रकल्पों में शामिल है। जलाशय पूरी क्षमता से भरने के कारण इससे सिंचाई पर निर्भर किसानों को बड़ी राहत मिली है। रवी मौसम के लिए भी पानी की उपलब्धता को लेकर किसानों को सहारा मिलने की उम्मीद है।

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नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील

इटियाडोह ओवरफ्लो होने के बाद नदीपात्र में पानी का स्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए विभाग ने नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। नागरिकों को नदीपात्र पार नहीं करने, कृषि उपकरण अथवा अन्य सामग्री नदी में नहीं रखने तथा मवेशियों को नदीपात्र में जाने से रोकने की सूचना दी गई है। विभाग ने कहा है कि सांडवे से होने वाला पानी का विसर्ग परिस्थितियों के अनुसार घट-बढ़ सकता है। इसलिए नदी किनारे और नदीपात्र में जाने से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी सूचनाओं का पालन करें।

गत वर्ष 16 अगस्त को हुआ था ओवरफ्लो

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष इटियाडोह बांध 16 अगस्त 2025 को ही ओवरफ्लो हो गया था। इस वर्ष सितंबर के अंतिम सप्ताह में बांध अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचा है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार बांध के ओवरफ्लो होने में करीब 40 दिन की देरी हुई है। जलाशय के 100 प्रश. भरने से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए बड़ी राहत मिली है। अब किसानों की नजर जलाशय से मिलने वाले पानी और आगामी फसल के लिए सिंचाई नियोजन पर है।

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पुजारीटोला बांध के 8 गेट खोले

पुजारीटोला बांध के जलस्तर में कमी आने के बाद बांध के गेटों से छोड़े जा रहे पानी के विसर्ग में कटौती की गई है। शनिवार, 26 सितंबर को दोपहर 12 बजे जलाशय परिचालन प्रारुप के अनुसार 4 गेट 0.60 मीटर और 4 गेट 0.30 मीटर तक खोलकर रखे गए हैं। इन गेटों से कुल 261.024 क्यूमेक पानी नदीपात्र में छोड़ा जा रहा है। विभाग ने नदी किनारे और नदीपात्र के आसपास रहने वाले नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील की है।

ओवरफ्लो देखने उमड़ेंगे पर्यटक

इटियाडोह बांध का ओवरफ्लो स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है। सांडवे से बहते पानी का विहंगम दृश्य देखने के लिए हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। हालांकि बांध का ओवरफ्लो हर साल एक ही समय पर हो, यह जरूरी नहीं होता। इस बार सितंबर के अंत में बांध ओवरफ्लो होने से आने वाले दिनों में यहां पर्यटकों की भीड़ बढ़ने की संभावना है।

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