गोंदिया में घायल भालू का सुरक्षित रेस्क्यू, इलाज के लिए गोरेवाड़ा भेजा, वन्यजीव केंद्र में होगा इलाज

Gondia Injured Bear Rescue: गोंदिया के कोका वन्यजीव अभयारण्य में घायल मिले भालू का वन विभाग ने सुरक्षित रेस्क्यू किया। पिछले दाहिने पैर में गंभीर चोट के बाद उसे इलाज के लिए गोरेवाड़ा भेजा गया।
gondia injured bear rescue koka wildlife sanctuary
गोंदिया भालू का रेस्क्यू(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Koka Wildlife Sanctuary: गोंदिया जिले के नवेगांव-नागझिरा बाघ रिजर्व क्षेत्र के नागझिरा खंड अंतर्गत कोका वन्यजीव अभयारण्य में घायल हालत में मिले भालू का वन विभाग ने सुरक्षित रेस्क्यू किया। 6 अक्टूबर की सुबह करीब 8.17 बजे ढिवरवाड़ा गांव से सटे श्मशानभूमि परिसर में वन विभाग ने यह कार्रवाई की। प्राथमिक जांच में भालू के पिछले दाहिने पैर में गंभीर चोट पाए जाने पर उसे उपचार के लिए गोरेवाड़ा स्थित वन्यजीव उपचार केंद्र भेजा गया।

ढिवरवाड़ा गांव के पास श्मशानभूमि परिसर में भालू को घूमते देख स्थानीय ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। वनरक्षक आकाश जाधव के माध्यम से विभाग को जानकारी मिलने के बाद संभावित मानव-वन्यजीव संघर्ष को टालने के लिए तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।

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वनपरिक्षेत्र मानव-वन्यजीव संघर्ष

आरआरटी के शूटर और कर्मियों की सहभागिता वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश और निर्धारित कार्यप्रणाली के तहत क्षेत्र संचालक पियुषा जगताप व उपसंचालक तुषार ढमढेरे के मार्गदर्शन में अभियान चलाया गया। इसमें सहायक वनसंरक्षक सुहास कांबले, वनपरिक्षेत्र

अधिकारी सूरजकुमार गोखले, मानद वन्यजीव रक्षक भंडारा शाहिद खान, कंत्राटी पशु चिकित्सा अधिकारी मेघराज तुलावी, क्षेत्र सहायक मेश्राम, बिट रक्षक जाधव तथा त्वरित प्रतिक्रिया दल (RRT) के शूटर और कर्मचारियों ने सहभागिता की।

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वन विभाग ने किया रेस्क्यू

स्थानीय ग्रामीणों ने भी सहयोग किया। रेस्क्यू के बाद भालू की प्राथमिक पशु चिकित्सा जांच की गई। उसके पिछले दाहिने पैर में गंभीर चोट पाए जाने पर प्राथमिक उपचार दिया गया और आगे के इलाज के लिए गोरेवाड़ा के वन्यजीव उपचार केंद्र भेजा गया। वन विभाग की समय पर की गई कार्रवाई से संभावित मानव-वन्यजीव संघर्ष टल गया। वन्यजीवों की सुरक्षा और ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए वन विभाग, बचाव दल और स्थानीय नागरिकों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण है।

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