गोंदिया: स्वास्थ्य विभाग को बड़ी सफलता, जिले की सभी 8 तहसीलों में थमी हाथीपांव बीमारी की चेन
Gondia News: गोंदिया जिले में हाथीरोग नियंत्रण कार्यक्रम को मिली बड़ी कामयाबी। टास (TAS) सर्वेक्षण के परिणामों के अनुसार, सभी 8 तहसीलों में संक्रमण की चेन तोड़ने में स्वास्थ्य विभाग सफल।
Gondia Elephantiasis News: राष्ट्रीय हाथीपांव रोग नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत हाथीरोग समुदाय संक्रमण अभियान टास जिले के चार तहसील गोंदिया, तिरोड़ा, अर्जुनी/मोरगांव और गोरेगांव में 13 अप्रैल से 21 अप्रैल तक चलाया गया। इस अभियान के दौरान उक्त चारों तहसीलों के 221 गांवों में हाथीरोग समुदाय संक्रमण अभियान सर्वेक्षण में जिला स्तर पर 28 टीमें बनाई गईं थी। सर्वेक्षण अभियान से छह से सात साल के 3,897 लड़के व लड़कियों का एफटीके किट से रक्त जांच किया गया जिसमें 20 पॉजिटिव पाए गए।
ऐसी जानकारी जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनोद चव्हाण ने दी है। जब किसी इलाके में लगातार 56 साल तक मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन याने हाथीरोग प्रतिबंधक गोलियों का वितरण अभियान सफलतापूर्वक चलाया जाता हैजिसमें 65 प्रश। से अधिक लोग दवा लेते हैं, यह देखने के लिए एक टास सर्वे किया जाता है कि उस इलाके में बीमारी का फैलना रुका है या नहीं। यह सर्वे हाथीरोग निर्मुलन कार्यक्रम की प्रगति को मापने में मदद करता है।
नियंत्रण कार्यक्रम एक बहुत जरूरी हिस्सा टास फाइलेरिया सर्वे, हाथरोग नियंत्रण कार्यक्रम एक बहुत जरूरी हिस्सा है, जो यह जांच करता है कि किसी खास इलाके में हाथीरोग का फैलना रुक गया है या नहीं। इसका मकसद यह साबित करना है कि छह से सात साल के बच्चों में हाथीरोग का कोई संक्रमण नहीं है, ताकि यह विश्लेषण किया जा सके कि एक दिवसीय सामुदायिक औषधोपचार अभियान जारी रखना है या नहीं।
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यह सर्वे आम तौर पर 6 से 7 साल के बच्चों में किया जाता है, क्योंकि उनमें संक्रमण हाल ही में हुए संक्रमण को दर्शाता है। टास सर्वेक्षण के दौरान सभी तहसील स्वास्थ्य अधिकारियों, चिकित्सा अधिकारियों, प्रयोगशाला वैज्ञानिक अधिकारियों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों और आशा कार्यकर्ताओं के सामूहिक जागरूकता और जांच प्रयासों के कारण टास सर्वेक्षण सफल रहा। 0 1,540 सैंपल में से सिर्फ 3 पॉजिटिव टास सर्वे के दौरान गोंदिया, तिरोड़ा, अर्जुनी/मोरगांव और गोरेगांव तहसील में 3,897 सैंपल टेस्ट किए गए, जिनमें से 20 पॉजिटिव पाए गए। इसका कटऑफ 44 था।
इससे पहले, जिले के बाकी आमगांव, देवरी, सालेकसा और सड़क अर्जुनी तहसील में मई 2023 में 1,540 सैंपल में से सिर्फ तीन पॉजिटिव पाए गए थे। इसका कटऑफ भी 11 था। इसलिए विश्लेषण से पता चला है कि स्वास्थ्य विभाग जिले के सभी आठ तहसीलों में हाथीरोग बीमारी की चेन को ब्रेक करने में सफल रहा है।
