

Gondia Nursing Hostel Notice: गोंदिया के शासकीय परिचर्या महाविद्यालय में विद्यार्थियों को हॉस्टल खाली करने के नोटिस जारी किए जाने पर विवाद बढ़ गया है। AISF ने विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रशासन को पांच दिन का अल्टीमेटम दिया है। संगठन ने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि विद्यार्थियों को सुविधाएं देने के बजाय उन्हें हॉस्टल से बाहर निकालने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।
गोंदिया, शिक्षा विद्यार्थियों का मूलभूत अधिकार है और शासकीय शैक्षणिक संस्थानों में उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसी मुद्दे को लेकर गोंदिया के शासकीय परिचर्या महाविद्यालय में विवाद खड़ा हो गया है। यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को हॉस्टल खाली करने के नोटिस जारी किए गए हैं। इस पर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) ने कड़ा विरोध जताया है।
संगठन का आरोप है कि हॉस्टल में आवश्यक भौतिक सुविधाओं की कमी दूर करने के बजाय विद्यार्थियों को ही बाहर निकालने के नोटिस दिए जा रहे हैं। इससे विद्यार्थियों में नाराजगी है। AISF ने प्रशासन से विद्यार्थियों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देने और उन्हें सुरक्षित आवास व अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की मांग की है।
AISF ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन ने प्रशासन को पांच दिन का अल्टीमेटम देते हुए इस अवधि में विद्यार्थियों की सभी समस्याओं का समाधान करने की मांग की है। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो विद्यार्थियों को साथ लेकर तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
संगठन के अनुसार, शासकीय मेडिकल और परिचर्या महाविद्यालयों में आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के बजाय विद्यार्थियों पर दबाव बनाना और उनकी समस्याओं की अनदेखी करना उचित नहीं है। विद्यार्थियों को सुरक्षित आवास, बुनियादी सुविधाएं और पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल मिलना चाहिए।
AISF के महाराष्ट्र राज्याध्यक्ष वैभव चोपकर ने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले पर खर्च के लिए सरकार के पास 34 से 36 हजार करोड़ रुपये होने की बात कही जा रही है, लेकिन गरीब परिवारों के बच्चों को हॉस्टल और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त फंड नहीं होने की स्थिति पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
चोपकर ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को विद्यार्थियों की समस्याओं की ओर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी परिस्थिति में विद्यार्थी हॉस्टल खाली नहीं करेंगे। यदि एक भी विद्यार्थी को हॉस्टल से बाहर निकाला गया, तो AISF प्रशासन के खिलाफ मजबूती से खड़ी रहेगी।
अब देखना होगा कि प्रशासन पांच दिन के भीतर विद्यार्थियों की मांगों पर क्या कार्रवाई करता है और हॉस्टल से जुड़े विवाद का समाधान किस तरह निकाला जाता है।