गोंदिया: गर्मी में गायब होते प्याऊ, बोतलबंद पानी के बढ़ते चलन के बीच असुरक्षित पेयजल का खतरा
Gondia News: गर्मियों में सार्वजनिक प्याऊ की कमी के कारण नागरिकों ने बोतलबंद पानी को प्राथमिकता दी है। हालांकि, कई व्यवसायी बिना जांच के अशुद्ध पानी बेच रहे हैं। यह स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है।
Gondia Public Drinking Water News: गोंदिया जिले में बढ़ती गर्मी के साथ जहां एक ओर पेयजल की मांग तेजी से बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक प्याऊ अब लगभग गायब होते नजर आ रहे हैं। पहले गर्मी के दिनों में शहर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर सेवाभावी संस्थाओं द्वारा लगाए गए प्याऊ आम लोगों के लिए राहत का बड़ा साधन होते थे, लेकिन अब उनकी संख्या लगातार घटती जा रही है।
बदलते समय के साथ लोगों की आदतों में भी बड़ा परिवर्तन आया है। अब लोग सार्वजनिक स्थानों पर पानी पीने के बजाय बोतलबंद पानी को प्राथमिकता देने लगे हैं। कई लोगों के लिए यह सुविधा ही नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा का प्रतीक भी बन गया है। परिणामस्वरूप होटल, दुकानों और पानठेलों पर 20 रुपये में पानी की बोतल आम तौर पर बिक रही है।
हालांकि, इस बढ़ती मांग के बीच एक गंभीर समस्या भी सामने आ रही है। कुछ विक्रेता शुद्ध पेयजल के नाम पर बिना किसी जांच के पानी बेच रहे हैं। कई मामलों में उपयोग की गई बोतलों में नल का पानी भरकर ठंडा किया जाता है और उसे मिनरल वॉटर बताकर बेचा जाता है। इन बोतलों पर उत्पादन तिथि या गुणवत्ता संबंधी जानकारी भी स्पष्ट रूप से नहीं दी जाती, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ जाता है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब पानी के कैन की आपूर्ति बढ़ गई है, लेकिन वहां भी पानी की गुणवत्ता की जांच पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। आम नागरिक पानी की शुद्धता के मानकों से अनभिज्ञ होने के कारण इस ओर विशेष ध्यान नहीं देते, जिसका फायदा कुछ व्यवसायी उठा रहे हैं।
इस स्थिति में आवश्यक है कि प्रशासन द्वारा नियमित जांच अभियान चलाए जाएं और अवैध रूप से पानी बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, सामाजिक संस्थाओं को भी आगे आकर सार्वजनिक प्याऊ की परंपरा को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है, ताकि लोगों को सस्ता और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके।
