गोंदिया शहर में भालू की दहशत, रिहायशी इलाकों में घूमता दिखा; वन विभाग ने किया रेस्क्यू

Gondia Bear Rescue: गोंदिया शहर के गणेश नगर और गौरी नगर में भालू के घुसने से दहशत फैल गई। वन विभाग ने रात 2।30 बजे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर भालू को पकड़ा और जंगल में छोड़ा।
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गोंदिया भालू रेस्क्यू- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Bear Spotted In Gondia: एक रात पहले 16 जुलाई को शहर के गणेश नगर और गौरी नगर के रिहायशी इलाके में एक भालू सड़क पर घूमते हुए देखा गया। पांगड़ी के जंगल से मोक्षधाम डंपिंग यार्ड होते हुए आए इस भालू ने साकेत पब्लिक स्कूल रोड से लेकर गौरी नगर इलाके धमाचौकड़ी मचाई। में जिससे लोग डर के मारे अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हो गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात करीब 9.30 से 9.45 बजे के दौरान गौरीनगर निवासी एक युवक दुकान गया था। तभी सड़क किनारे एक भालू बैठा दिखाई दिया।

काले रंग का भालू रिहायशी सड़कों पर खुलेआम घूम रहा था। युवक वहां से भागा सभी को इसकी सूचना दी। पार्षद अनुज जायसवाल ने वन विभाग को सूचित किया। लोगों की भारी भीड़ जम गई। भालू घने अंधेरे में कभी इधर भागता तो कभी उधर छिपता रहा। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम भारी दलबल और रेस्क्यू वाहन के साथ मौके पर पहुंची। लेकिन इस आक्रामक भालू को काबू करना इतना आसान नहीं था। भारी बारिश के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा था।

भालू ने गोंदिया शहर में मचाई दहशत

भालू ने कभी दीवारें फांदीं तो कभी बंद क्वार्टर की खिड़कियों से छलांग लगाई। वन विभाग की टीम ने देर रात 2।30 बजे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आखिरकार उसे काबू में कर लिया। और नजदीकी जंगल में छोड़ दिया गया। 17 जुलाई को सुबह शहर के छोटा गोंदिया इलाके के गोविंदपुर परिसर स्थित बाघ कॉलोनी के एक खाली पड़े क्वार्टर में फिर से एक भालू घुसता हुआ दिखाई दिया।

2.30 बजे तक चला वन विभाग का रेस्क्यू

मॉर्निंग वॉक पर निकले स्थानीय नागरिकों को सुबह 6 से 7 बजे के बीच जब दोबारा भालू चहलकदमी करता दिखा, तो इलाके में एक बार फिर हड़कंप मच गया।वन्यप्राणियों की सूचना वन विभाग को तुरंत दें दोबारा वन विभाग को सूचित किया गया। वन विभाग की टीम जब तक मोर्चा संभालती, भालू चकमा देता हुआ आखिरकार जिलाधीश कार्यालय के पीछे पांगोली नदी के जंगल की ओर भागने में कामयाब हो गया। वन विभाग की टीम रिहायशी इलाके से गोंदिया ग्रामीण इलाके के जंगल परिक्षेत्र की ओर भागे भालू की तलाश में जुटी है।

गोंदिया में वन्यजीवों की बढ़ती आवाजाही चिंता बनी

उल्लेखनीय है कि पांगड़ी का घना जंगल परिसर शहर से सटा हुआ है। वन विभाग के अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में वन्यजीव दिखाई दे तो उसके पास जाने, उसे घेरने या परेशान करने का प्रयास न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि वन्यजीव और आम नागरिक दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके, विभाग द्वारा भालू को नियमानुसार उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ा जाएगा।

बारह फेंके हुए भोजन व सड़े कचरे की गंध बुला रही

भालू को सड़े-गले कचरे और भोजन की गंध अपनी ओर बेहद आकर्षित करती है। मोक्षधाम से सटे इसी कचरा डंपिंग यार्ड वाले रास्ते से होते हुए पहले भी भालू गणेश नगर जैसे धने रिहायशी इलाके में दो बार प्रवेश कर चुका है। इस बार नागरिकों ने अब नगर परिषद से मांग की है कि जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस विवादित डंपिंग यार्ड को तत्काल प्रभाव से यहां से हटाया जाए।

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