22 लाख मुआवजे के लिए एसडीओ कार्यालय की कुर्सी-वाहन जब्त, गोंदिया में जमीन अधिग्रहण मामले में कोर्ट की कारवाई

Gondia SDO Office Seized: गोंदिया में जिला क्रीड़ा संकुल के लिए अधिग्रहित जमीन के 22 लाख रुपए अतिरिक्त मुआवजे का भुगतान नहीं होने पर न्यायालय के आदेश से एसडीओ कार्यालय की सामग्री जब्त की गई।
gondia 22 lakh compensation sdo office seized
गोंदिया मुआवजा मामला (सोर्सः सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Gondia Land Compensation: गोंदिया जिला क्रीड़ा संकुलके लिए अधिग्रहित की गई जमीन के मुआवजे का मामला आखिरकार न्यायालय की जब्ती कार्रवाई तक पहुंच गया। न्यायालय के आदेश पर 3 सितंबर को गोंदिया उपविभागीय अधिकारी कार्यालय की कुर्सी, वाहन, कंप्यूटर सहित अन्य सामग्री जब्त किए जाने की कार्रवाई की गई।

वर्ष 2023 में न्यायालय द्वारा अतिरिक्त 22 लाख रु. मुआवजा देने के आदेश के बावजूद भुगतान नहीं होने पर यह कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। जानकारी के अनुसार, गोंदिया निवासी राजू नागवंशी की करीब 11 हेक्टेयर जमीन जिला क्रीड़ा संकुल के निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई थी। उस समय उन्हें मात्र 1 लाख 60 हजार रु. का मुआवजा मिला था। नागवंशी का कहना है कि यह राशि जमीन के बाजार मूल्य की तुलना में काफी कम थी।

भुगतान नहीं

इसके बाद उन्होंने वर्ष 2009 में अतिरिक्त मुआवजे के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद वर्ष 2023 में न्यायालय ने शासन को नागवंशी को 22 लाख रु. का अतिरिक्त मुआवजा देने के निर्देश दिए थे। आदेश के बाद भी राशि नहीं मिलने पर नागवंशी ने न्यायालय के जब्ती आदेश के संबंध में दो से तीन बार उपविभागीय कार्यालय से संपर्क किया। हर बार जल्द मामले का समाधान करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन भुगतान नहीं हो सका।

gondia 22 lakh compensation sdo office seized
नागपुर में संपत्ति कर बकायेदारों पर मनपा का शिकंजा, एक दिन में वसूले 12 लाख, बड़े डिफॉल्टरों पर होगी कुर्की

करनी पड़ी कार्रवाई

मुआवजे को लेकर लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण अंततः गुरुवार को न्यायालय के आदेश पर उपविभागीय अधिकारी कार्यालय में जब्ती की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान उपस्थित एड. महारवाड़े ने बताया कि न्यायालय ने राजू नागवंशी को 22 लाख रु. का मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।। समय पर भुगतान की कार्रवाई नहीं होने के कारण जब्ती की प्रक्रिया अपनानी पड़ी।

इस मामले में राजू नागवंशी की ओर से एड. दुर्गा डोये ने भी पैरवी की, इस संबंध में उपविभागीय अधिकारी चंद्रभान खंडाईत ने कार्यालय में जब्ती की कार्रवाई किए जाने की पुष्टि की।अब सवाल यह है कि न्यायालय के वर्ष 2023 के आदेश के बाद भी मुआवजे की राशि का भुगतान आखिर क्यों नहीं किया गया और प्रशासन को जब्ती की कार्रवाई तक स्थिति क्यों पहुंचने दी गई?

Navbharat Live
navbharatlive.com