गांधीटोला का दवाखाना बना शोपीस, डॉक्टर पर 2 दवाखानों की जिम्मेदारी गरीब और वृद्ध मरीजों की बढ़ी मुसीबतें
Gandhitola Dispensary News: सालेकसा के गांधीटोला आयुर्वेदिक दवाखाने में स्टाफ की कमी और एक डॉक्टर पर दो दवाखानों की जिम्मेदारी से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
Ayurvedic Hospital (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Salekasa Rural Health Crisis News: गांधीटोला स्थित आयुर्वेदिक दवाखाने की स्वास्थ्य सेवा ऑक्सीजन पर जिंदा है, जो वर्तमान में पूरी तरह चरमरा चुकी है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बीजेपार के डॉक्टरों को जिला स्तर की बैठकों में जाना तथा अन्य सभाओं में उपस्थित रहना पड़ता है। स्वास्थ्य सेवा प्रभावित न हो, इसके लिए डॉ. सुरकर, वैद्यकीय अधिकारी सोनपुरी तथा गांधीटोला आयुर्वेदिक दवाखाने में कार्यरत वैद्यकीय अधिकारी डॉ. स्नेहा दोनोडे को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
एक दवाखाने के लिए तीन डॉक्टर और जहां केवल एक ही डॉक्टर है, उसे अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन इस निर्णय का सीधा असर गांधीटोला परिसर के ग्रामीण नागरिकों पर पड़ रहा है और एक को बचाने के लिए दूसरे की बलि क्यों ऐसा संतप्त सवाल नागरिकों द्वारा उठाया जा रहा है।
गांधीटोला दवाखाने में नए स्टाफ की मांग
वैद्यकीय अधिकारी डॉ. स्नेहा दोनोडे को महीने के पहले और तीसरे सप्ताह में मंगलवार व शनिवार, तथा दूसरे और चौथे सप्ताह में सोमवार और दूसरे रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बीजेपार में प्रत्यक्ष उपस्थित रहकर बाह्यरुग्ण व आंतररुग्ण सेवा देने के आदेश दिए गए हैं। लेकिन गांधीटोला दवाखाने में अन्य कोई वैद्यकीय अधिकारी अथवा कर्मचारी नियुक्त नहीं होने के कारण, डॉक्टर के बीजेपार जाने के बाद गांधीटोला दवाखाना पूरी तरह ताले में बंद रहता है, यह वास्तविकता सामने आई है।
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तीव्र आंदोलन की चेतावनी
उपचार के लिए दवाखाने में आने वाले मरीजों को दरवाजे पर ताला देखकर निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है। विशेष रूप से वृद्ध, महिलाएं, छोटे बच्चे और गरीब परिवारों को इसका भारी कष्ट सहना पड़ रहा है। यह सरकारी दवाखाना है या शोपीस ऐसा संतप्त सवाल अब ग्रामवासी कर रहे हैं। इस बीच, एक ही डॉक्टर पर दो दवाखानों की जिम्मेदारी डालकर प्रशासन आखिर हासिल क्या करना चाहता है ऐसा सवाल भी अब जोर पकड़ने लगा है।
गांधीटोला दवाखाने के लिए अतिरिक्त कर्मचारी नियुक्त करने की मांग नागरिकों द्वारा जोर पकड़ रही है। यदि स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल इस ओर ध्यान नहीं दिया, तो भविष्य में तीव्र जनआक्रोश भड़कने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
बीजेपार का अतिरिक्त प्रभार हटाए
वैद्यकीय अधिकारी डॉ. दोनोडे गांधीटोला में सेवा देने वाली एकमात्र अधिकारी हैं। उनके अलावा वहां कोई भी कर्मचारी नियुक्त नहीं है। गांधीटोला की पंस सदस्या रेखा फुंडे ने कहा कि इसलिए डॉक्टर के बाहर जाने के बाद दवाखाना ताले में बंद रहता है। गांधीटोला के नागरिकों की स्वास्थ्य सेवा को ध्यान में रखते हुए तहसील स्वास्थ्य अधिकारी को डॉ. दोनोडे के पास से बीजेपार का अतिरिक्त प्रभार तत्काल हटाना चाहिए।
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सप्ताहभर अतिरिक्त काम का भार
गांधीटोला के वैद्यकीय अधिकारी डॉ. स्नेहा दोनोडे ने कहा कि मेरे पास बीजेपार का अतिरिक्त प्रभार होने के कारण महीने के पहले और तीसरे सप्ताह में मंगलवार व शनिवार, तथा दूसरे और चौथे सप्ताह में सोमवार और दूसरे रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बीजेपार में सेवा देनी पड़ती है।
